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सोमवार से फिर महाराष्ट्र में स्कूल,खुलेंगे कोरोना वायरस के मामले हुए कम

महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस के केस घट रहे हैं. इस बात को ध्‍यान में रखते हुए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सोमवार से स्‍कूल खुलने जा रहे हैं.

कोविड महामारी के दो साल के भीतर चौथी बार महाराष्ट्र के सभी स्कूल गणतंत्र दिवस समारोह से ठीक दो दिन पहले 24 जनवरी से शारीरिक कक्षाओं के लिए फिर से खुलने जा रहे हैं. अधिकारियों ने गुरुवार को ये जानकारी दी है.

दिसंबर 2021 से निलंबित हैं कक्षाएं  

एजेंसी की खबर के अनुसार, दिसंबर 2021 में कक्षाओं को निलंबित कर दिया गया था. बोर्ड परीक्षा के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण दसवीं और बारहवीं कक्षा को छोड़कर स्कूलों को बंद कर दिया था.

स्कूलों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी

स्कूल शिक्षा मंत्री प्रो. वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अगले सोमवार से पूरे कोविड प्रोटोकॉल और एसओपी के साथ स्कूलों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी. प्रो. वर्षा ने कहा, “उन क्षेत्रों में स्थित स्कूल, जहां कोरोना वायरस के मामले कम हैं, वे प्री-प्राइमरी और कक्षा 1-12 के लिए शारीरिक कक्षाएं फिर से शुरू कर सकते हैं. हम राज्य में स्कूलों की सुरक्षित बहाली के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

अनिवार्य रूप से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा

उन्होंने कहा कि स्कूल फिर से खोलने की योजना के इस चौथे चरण में सभी को अनिवार्य रूप से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा और माता-पिता की सहमति आवश्यक होगी. मंत्री ने कहा, “मैं दोहराती हूं, सुरक्षित वातावरण में निरंतर शिक्षा के माध्यम से बच्चों में सीखने के परिणामों में सुधार करना हमारा लक्ष्य है. मैं अपने स्कूलों और शिक्षकों को हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं.” उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि अगर वे अस्वस्थ हैं, तो अपने बच्चों को स्कूल न भेजें और किसी भी छात्र में लक्षण दिखने पर स्कूल प्रबंधन को आइसोलेशन की सुविधा सुनिश्चित करनी चाहिए.

प्रति बेंच केवल एक छात्र को बैठने की अनुमति

प्रो. वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि हर समय फेस-मास्क पहनने के अलावा, प्रति बेंच केवल एक छात्र को अनुमति दी जाएगी और छात्रों के लिए टीकाकरण में और तेजी लाई जाएगी. यह कदम कई बच्चों द्वारा सोशल मीडिया पर सीएम ठाकरे और अन्य अधिकारियों से स्कूल जाने की इच्छा के अलावा सरकार, बाल चिकित्सा कार्य बल और शिक्षा विशेषज्ञों के बीच निरंतर बातचीत के बाद सीधे अपील जारी करने के बाद आया है.  

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