स्वास्थ्य

गुड कोलेस्ट्राल सबके लिए नहीं होता एक जैसा अच्छा

कार्डियोवस्कुलर बीमारी के लिए एल्गोरिदम पर फिर से विचार करने की जरूरत है। इसका अर्थ यह है कि भविष्य में एचडीएल कोलेस्ट्राल के उच्च स्तर को डाक्टर हमेशा उचित नहीं बताएंगे।

 हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एचडीएल), जिसे अक्सर ‘अच्छा कोलेस्ट्राल’ कहा जाता है, इसका विज्ञानियों ने कई स्तर पर अधिक मूल्यांकन किया और कार्डियोवस्कुलर रोग के जोखिम से बचाने में मददगार भी बताया है। हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन को अब तक अच्छा माना जाता रहा है। डाक्टर भी मानते हैं कि एचडीएल ज्यादा होने से हृदयरोग का खतरा कम होता है

पोर्टलैंड में ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी के नाइट कार्डियोवास्कुलर इंस्टीट्यूट से जुड़े प्रोफेसर नथाली पामिर ने बताया कि इस अध्ययन के उद्देश्य लंबे समय से स्थापित इस तथ्य को समझना था कि जिस एचडीएल को फायदेमंद कोलेस्ट्राल के रूप में लेबल किया गया है, क्या वह वाकई सभी के लिए सच है? इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक पामिर ने बताया कि चिकित्सा जगत में यह अच्छी तरह से स्वीकार किया गया है कि कम एचडीएल कोलेस्ट्राल का स्तर हानिकारक है। इस अध्ययन में इन धारणाओं का वास्तविक परीक्षण किया गया।

गुड कोलेस्ट्राल किसी भी समूह के लिए हृदय संबंधी लाभ प्रदान नहीं कर सकता है। पामिर ने कहा कि इस प्रकार के शोध से पता चलता है कि कार्डियोवस्कुलर बीमारी के लिए एल्गोरिदम पर फिर से विचार करने की जरूरत है।

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