हाथरस जनपद न्यायालय में 5 फरवरी को तारीख कर आगरा लौट रहे कार सवार सैन्य कर्मी अखिलेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में मृतक की बहिन ने विभिन्न धाराओं में 10 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव समदपुर निवासी डौली कुमारी पुत्री देवन्द्र सिह ने सादाबाद कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि मेरा भाई अखिलेश कुमार पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी ग्राम समदपुर भारतीय सेना का सैनिक था, जिसकी तैनाती आगरा 509 ईएमई में थी। वह 5 फरवरी को हाथरस न्यायालय से तारीख करके अपने मित्र की कार यूपी 85सीडी7591 से आगरा की तरफ आ रहा था, तभी चन्द्रा फार्म हाउस के समीप परिवार के श्यामवीर सिंह पुत्र रघुवीर सिंह खडे़ थे, जिन्हें देखकर भाई अखिलेश ने गाड़ी धीमी कर रोकने का प्रयास किया, तभी एक थार गाड़ी ने ओवर टेक करते हुऐ भाई की गाड़ी में टक्कर मार दी। पीछे से एक इको कार, स्कार्पियो व मोटर साइकिल से 12-13 लोगों ने अंधा-धुंध फायरिंग कर दी।
उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि अपनी जान बचाने के लिए भाई गाड़ी से उतरकर भागा। तभी रमेश पुत्र सुनहरीलाल, जगवीर पुत्र अंकित पुत्र सुरेश, केके पंडित पुत्र शिवकुमार, भोला पुत्र पप्पू व दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें घेर लिया। तभी विक्रम उर्फ विक्की पुत्र रमेश व बौबी उर्फ विशाल पुत्र रमेश, हेमंद पुत्र जगवीर, राजा पुत्र राजेश, गब्बर पुत्र दिनेश निवासी समदपुर निवासी समदपुर जो कि अपने हाथो में पिस्टल-तमंचा लि हुए थे, सभी ने एक राय होकर अन्धा-धुंध फायरिंग कर दी । भाई के शरीर में 8-10 गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
उन्होंने बताया कि यह पूरी घटना पास खड़े उसके गांव के श्यामवीर सिंह ने देख ली। सभी लोग श्यामवीर सिह से बोले अगर तूने किसी को भी इस घटना के बारे में बताया तो तुझे व तेरे परिवार के साथ भी यही हाल करेंगे और धमकी देते हुए वहां से भाग गए।

