देशब्रेकिंग न्यूज़

बाबू वीर कुंवर सिंह को याद करने के बहाने वोट बैंक पर नजर

बिहार में राजनीतिक दलों द्वारा महापुरुषों को याद करने के बहाने जाति विशेष के वोट बैंक साधने की परंपरा चल पड़ी है.

बाबू वीर कुंवर सिंह 1857 के स्वाधीनता संग्राम के मुख्य सेनानियों में हैं. 23 अप्रैल को उनकी जयंती के मौके पर जगदीशपुर, भोजपुर में बड़ा महोत्सव हो रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा गृहमंत्री अमित शाह और नित्यानंद राय भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. तस्वीर: बाबू वीर कुंवर सिंह स्मृति संग्रहालय

कभी राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के बहाने भूमिहारों को, तो कभी सम्राट अशोक के बहाने लव-कुश (कुर्मी-कोइरी) को, तो अब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा बाबू वीर कुंवर सिंह के बहाने क्षत्रियों (राजपूतों) को अपना बताने की पार्टियों में होड़ मची है. इसके पीछे तर्क होता है, इन शख्सियतों को वह सम्मान दिलाना जो उन्हें नहीं मिला और जिसके वे हकदार थे

23 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी आजादी के अमृत महोत्सव पर बड़े जोर-शोर से बिहार में बाबू वीर कुंवर सिंह की जन्मस्थली भोजपुर (आरा) जिले के जगदीशपुर में विजयोत्सव मना रही है. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शिरकत कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि हाथों में तिरंगा लेकर सवा लाख लोग सड़क पर उतरकर बिहार की धरती से पूरे देश को राष्ट्रीय एकता व अखंडता का संदेश देंगे. पार्टी ने एक साथ सर्वाधिक झंडे फहराने का विश्व कीर्तिमान बनाने का दावा भी किया है. इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के कर्मचारियों की टीम भी जगदीशपुर में मौजूद रहेगी.

बिहार भाजपा के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल कहते हैं, ‘‘अभी तक गिनीज बुक में एक साथ सबसे ज्यादा 57,632 झंडे फहराने का विश्व रिकॉर्ड पाकिस्तान के खाते में दर्ज है

इस अभियान पर पत्रकार आलोक वैभव टिप्पणी करते हैं, ‘‘मान लिया भारतीय जनता पार्टी यह कीर्तिमान अपने खाते में दर्ज कर लेगी, लेकिन इससे आमजन को क्या मिलेगा. इतनी शिद्दत से किए जा रहे इस आयोजन से आम जनता की किस समस्या का समाधान निकलेगा. अमित शाह गरीबों के लिए कौन सी नई घोषणा करेंगे? हां, शायद यह कहने को मिल जाए कि हमने एक बार फिर पाकिस्तान को हरा दिया.’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button