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जनता और उद्योगों को उचित दर पर बिजली दें राज्य सरकारें: सीतारमण

24 hours power supply वित्त मंत्री ने कहा बिजली की अबाध आपूर्ति से कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। उद्योगों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण में राज्यों को केंद्र की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया ।

 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्‍यों से कहा है कि वे इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करें और एनर्जी प्लानिंग करें, जिससे उद्योगों के लिए उचित दर पर अबाधित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से कंप्रेहेंसिव इकोनमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) और आस्ट्रेलिया से इकोनमिक को-आपरेशन ट्रेड एग्रीमेंट (ईसीटीए) पर हस्ताक्षर के मौके पर विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि उचित दर पर अबाधित आपूर्ति से कारोबार के विकास में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में सभी राज्यों को हरसंभव सहायता देगी। देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बजट में 7.50 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले साल आवंटित 5.50 लाख करोड़ रुपये की तुलना अच्छी खासी वृद्धि की गई है।

सीतारमण ने कहा, ‘मेरी सभी राज्यों से अपील है कि साल के 365 दिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलनी चाहिए।’ वित्त मंत्री ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को अबाधित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए, ताकि बिजली की कमी जैसी स्थिति नहीं बने। बिजली आपूर्ति में बाधा से उद्योगों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

वित्त मंत्री ने यूएई और आस्ट्रेलिया से हुए समझौतों के बाद ईज आफ डूइंग बिजनेस पर भी जोर दिया।कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमियों से वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश के समय कंपनियों को अपने संयंत्रों में अक्षय ऊर्जा के स्रोतों के उपयोग के बारे में भी विचार करना चाहिए। इसमें जरूरत पड़ने पर सरकार भी सहयोग के लिए तैयार है। सीतारमण ने उद्यमियों से अपने कारोबार में विस्तार के लिए आस्ट्रेलिया एवं यूएई मंे अपने सेक्टर के लिए वेंचर पार्टनर तलाशने और साझेदारी पर भी जोर दिया।

52,439 मेगावाट पहुंचा सौर ऊर्जा का उत्पादन

कोयला, पानी और गैस से बिजली उत्पादन को काफी पीछे छोड़ते हुए तुलनात्मक रूप से देश ने सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2010 तक पूरे देश में सौर ऊर्जा का उत्पादन करीब 11 मेगावाट था, जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 52 हजार 439 मेगावाट तक पहुंच गया है। पृथ्वी को जलवायु परिवर्तन से बचाने में महत्वपूर्ण सौर ऊर्जा का उत्पादन देश भर में बढ़ाने का पूरा श्रेय केंद्र की मोदी सरकार को जाता है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा एक आरटीआइ के जवाब में बताया गया है कि वर्ष 2010 से लेकर अब तक लगातार देश में सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ा है।

सरकार ने इस संबंध में कई कदम उठाए हैं। इससे यह लक्ष्य हासिल हो सका है। सौर ऊर्जा में शत प्रतिशत विदेशी निवेश को अनुमति देना, प्रदेशों के बीच सौर ऊर्जा उत्पादन से संबंधित शुल्क को समाप्त करना, प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा योजना एवं उत्थान जैसी योजनाओं से प्राइवेट सेक्टर को जोड़ना आदि ऐसे कई कदम रहे हैं, जिनसे सौर ऊर्जा के उत्पादन में क्रांति आई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में आरटीआइ लगाने वाले समाजसेवी रंजन तोमर ने कहा के इसमें कोई शक नहीं है कि सौर ऊर्जा के लिए व्यापक कदम और प्रयास मोदी सरकार में ही हुए हैं। सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाए जाने से निश्चित रूप से कहीं न कहीं कोयले और गैस आधारित बिजली के प्लांट पर निर्भरता कम होगी।

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