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लता मंगेशकर जब वेंटिलेटर पर थीं, तो अपने आखिरी समय में ईयरफोन मंगवाकर किसके गाने सुने थे

फरवरी को ब्रीच कैंडी अस्तपाल (Breach Candy Hospital) में 92 साल की उम्र में निधन हो गया था. मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.

 (Lata Mangeshkar) बीते लगभग एक महीने से बीमार थीं. उनका इलाज मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में चल रहा था. उनका कल 6 फरवरी की सुबह 92 साल की उम्र में निधन हो गया. एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए पता चला है कि महान गायिका अपने अंतिम समय में क्या कर रही थीं. लता मंगेशकर के निधन से हर भारतीय मायूस है. आजतक ने वॉइसओवर आर्टिस्ट हरीश भिमानी के हवाले से बताया कि लता मंगेशकर अपने अंतिम क्षणों में पिता दीनानाथ मंगेशकर को याद कर रही थीं. हरीश भिमानी को यह जानकारी लता जी के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने दी थी. लता मंगेशकर के पिता एक नाट्य गायक थे. उन्होंने आखिरी समय में पिता के रिकॉर्डिंग्स मंगवाए थे. वे उन्हें सुनने रही थीं और गाने की कोशिश कर रही थीं. वे मास्क हटाकर गाती थीं, जबकि उन्हें ऐसा करने से मना किया गया था. उन्होंने अस्पताल में दो दिन पहले ईयरफोन मंगवाए थे. बता दें कि दीनानाथ मंगेशकर लता जी के सिर्फ पिता ही नहीं, उनके गुरु भी थे. लता जी पिता को मानती थीं गुरु लता जी ने पिता की दी हुई सीख को न सिर्फ ताउम्र याद रखा, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारा भी. आपको यह बात हैरान कर सकती है कि लता मंगेशकर अपने गाने सुनने से बचती थीं. हरीश भिमानी कहते हैं कि लता जी जब भी अपने गाने सुनती थीं तो अपनी खामियां पकड़ लेती थीं. इससे वे काफी दुखी हो जाती थीं. लता जी ने 36 भाषाओं में गाए थे हजारों गाने लता जी को यह बात खराब लगती थी कि जब बड़े संगीतकार उनके गाने सुनेंगे और उनकी गलतियां पकड़ेंगे तो क्या कहेंगे. वे यह सोचकर काफी परेशान रहती थीं. लता जी ने जिंदगी भर खुद को म्यूजिक का एक स्टूडेंट ही माना. वे अपनी गायकी की वजह से दुनिया भर में मशहूर थीं. उन्होंने 36 भाषाओं में हजारों गाने गाए थे. 2 दिन के राष्ट्रीय शोक का हुआ ऐलान लता जी का संगीत की दुनिया में बहुत बड़ा कद था. उनके निधन से जो खालीपन आया है, उसे भरा नहीं जा सकता. युवा गायक उन्हें अपना आइडल मानते हैं. लता जी के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ तमाम बड़े लोगों ने दुख जताया और उन्हें अपनी तरह से याद किया. लता जी के निधन पर 2 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान हुआ. बता दें कि लता मंगेशकर को देश-विदेश के कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. उन्होंने बतौर सिंगर 13 साल की उम्र में अपना करियर शुरू किया था. उन्होंने सात दशक से ज्यादा लंबे करियर में कई यादगार गाने गाए थे.

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