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श्रीलंका में विरोध प्रदर्शनकारियों पर हेलिकाप्टर से निगरानी

श्रीलंका में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं.

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के ऑफिस यानि पीएमओ को प्रदर्शनकारियों ने चारों तरफ से घेर लिया है. भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं. उन्हें तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े हैं. कुछ प्रदर्शनकारी दीवार लांघकर अंदर भी घुस गए हैं. इसके अलावा संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ मौजूद है. वायुसेना का हेलीकॉप्टर से इलाके की निगरानी की जा रही है।

श्रीलंका में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं. भीड़ को काबू करने के लिए कोलंबो में हवाई फायरिंग भी की गई है. स्पीकर के कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि वह जल्द ही “राष्ट्रपति के निर्देश के अनुसार” एक विशेष घोषणा करेंगे. दरअसल, पीएम रानिल विक्रमसिंघे को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है. इस बीच मालदीव में भी गोटबाया राजपक्षे का विरोध हो रहा है।

कोलंबो में श्रीलंकाई प्रधानमंत्री आवास में घुसने के लिए दीवार फांद रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सैन्य कर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े. बता दें, श्रीलंका के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति का पद समय से पहले ही खाली हो रहा है. इससे पहले 1 मई, 1993 को तत्कालीन राष्ट्रपति आर. प्रेमदासा की हत्या की वजह से पद खाली हुआ था।

दूसरी ओर, श्रीलंका में आज सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की आशंकाओं के बीच सुरक्षा बढ़ा दी गई है. श्रीलंकाई टीवी नेटवर्क रूपवाहिनी के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि लोगों के प्रदर्शन से बचाया जा सके और प्रदर्शनकारियों की लाइव प्रसारण की मांग को नकारा जा सके. स्थानीय डेली मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जुलाई को राष्ट्रपति पद के चुनाव तीन तरफा लड़ाई तय मानी जा रही है. प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे, श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के सांसद डलेस अलहप्परुमा और विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा गुप्त मतदान में राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश करने को लेकर विचार कर रहे हैं।

श्रीलंका में नए राष्ट्रपति के लिए संसद अगले हफ्ते 20 जुलाई को गुप्त मतदान होगा. डेली मिरर का कहना है कि विक्रमसिंघे शेष कार्यकाल के लिए वर्तमान राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ेंगे. एसएलपीपी का एक धड़ा उनका समर्थन करने की योजना बना रहा है. जबकि 10 दलों के गठबंधन सहित एसएलपीपी का एक अन्य गुट अलहप्परुमा का समर्थन कर रहा है. इससे पहले, एसजेबी घोषणा कर चुका है कि सजित प्रेमदासा उसके उम्मीदवार होंगे।

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