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दिल्ली में आज से खुलेंगे आठवीं तक के स्कूल

वहीं स्कूल की तरफ कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान में रखते हुए स्कूल खोलने का आश्वासन दिया गया है.

राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार से नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के लिए स्कूल फिर से खुलने जा रहे हैं. हालांकि, कुछ अभिभावक चिंतित हैं वहीं कुछ अन्य परिवहन सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. कोविड -19 के मद्देनजर लंबे समय तक बंद रहने के बाद सात फरवरी को कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए स्कूल फिर से खुल गए. ‘दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन’ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम के अनुसार कई अभिभावक अपने जूनियर क्लास के बच्चों को स्कूलों में भेजने को लेकर आशंकित हैं क्योंकि अभी तक उनका टीकाकरण नहीं हुआ है.

परिवहन सुविधा की नहीं हुई शुरुआत, अभिभावक चिंतित

गौतम ने कहा, ‘इसलिए वे प्रतीक्षा करने और स्थिति पर गौर करने का विकल्प चुनेंगे’ सात वर्षीय एक बच्चे के पिता अनिल भाटी ने कहा, ‘‘मैं अपने बच्चे को भेजना चाहता हूं, लेकिन स्कूलों ने अभी तक परिवहन सुविधा की शुरुआत नहीं की है और मैं अन्य माध्यम से व्यवस्था के लिए संघर्ष कर रहा हूं. जब स्कूल फिर से खोले जा रहे हैं तो सरकार को परिवहन सेवाओं को फिर से शुरू करने का आदेश देना चाहिए.’ केंद्र ने अपने दिशानिर्देशों से छात्रों को प्रत्यक्ष कक्षाओं में भाग लेने के लिए माता-पिता की सहमति को अनिवार्य करने वाले खंड को हटा दिया है, वहीं दिल्ली सरकार ने इस खंड को जारी रखने का निर्णय लिया है

माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर अभी डरे हुए हैं

पिछले साल 28 दिसंबर को ओमिक्रॉन स्वरूप से संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए शहर के स्कूलों को फिर से बंद करने से पहले कुछ समय के लिए फिर से खोल दिया गया था. एक शीर्ष निजी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने कहा, ‘माता-पिता, विशेष रूप से जिनके बच्चे जूनियर कक्षाओं में हैं, अभी भी आशंकित हैं. हमने सहमति पत्र भेजे, लेकिन प्रतिक्रिया बहुत अच्छी नहीं है. अब हम माता-पिता के लिए परामर्श सत्र आयोजित करने की योजना बना रहे हैं’

कोविड प्रोटोकॉल का किया जाएगा पालन

रोहिणी में श्री राम वंडर इयर्स स्कूल की प्रमुख शुभी सोनी ने कहा, ‘हम चरणबद्ध तरीके से फिर से खोल रहे हैं. मैसेज और ई-मेल के माध्यम से अभिभावकों को सूचित किया गया है. हम मौसम को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं के बाहर हवादार क्षेत्रों में पठन-पाठन की योजना बना रहे हैं ’ एपीजे स्कूल पंचशील पार्क की प्रधानाध्यापक रितु मेहता ने कहा, ‘कक्षाएं ‘हाइब्रिड मोड’ में आयोजित की जाएंगी. अधिकतर अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अपनी सहमति दे दी है. हमारे छात्रों की सुरक्षा हमेशा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेंगे’    

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