राजनीति

एक दिन योगी के साथ: मीटिंग, फाइलें और प्रचार, जानें CM कैसे संभालते हैं सब साथ

हमारे लखनऊ के स्थानीय संपादक सुनील द्विवेदी सोमवार की उनकी दिनचर्या के गवाह रहे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितनी मेहनत करते हैं इसे लेकर तरह-तरह की किवदंतियां हैं। चुनावी समर में उन्होंने पिछले 18 दिन में 30 जिलों में 60 से ज्यादा रैलियां-सभाएं और जनसंपर्क किया। हेलीकॉप्टर और विशेष विमान से हजारों मील की यात्रा के अलावा सड़क मार्ग से भी एक हजार किलोमीटर की यात्रा की। दिन की शुरुआत जहां बैठकों से होती है वहीं दिन खत्म होता है रात में दस बजे, फाइलों और फीडबैक के साथ। काम के इन 15 घंटों में न तो उनके चेहरे पर थकान दिखी और न ही तनाव का भाव। वह चुनाव को लेकर आश्वस्त नजर आते हैं। हमारे लखनऊ के स्थानीय संपादक सुनील द्विवेदी सोमवार की उनकी दिनचर्या के गवाह रहे।
सोमवार की सुबह उतनी सर्द नहीं थी जितनी रविवार को थी। सुबह का सवा दस बज रहा है। लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे पर हेलीकाप्टर वीटी जेएसए उड़ने के लिए तैयार खड़ा है। खूब खिली धूप धीरे-धीरे चटख हो रही है। पायलट विक्रम सिंह पुंडीर भी धूप के मोह का संवरण नहीं कर पाते हैं। जरूरी जांचें पूरी कर वह हमारे पास ही आकर खड़े हो जाते हैं। तभी सामने से चिरपरिचित अंदाज और परिधान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तेज गति से हेलीकॉप्टर की ओर बढ़ते दिखाई पड़े। सभी सतर्क हो जाते हैं। पास आने पर मुस्कुराकर अभिवादन का जवाब देने के साथ ही वह मुझे अपने बगल वाली सीट पर बैठने का इशारा करते हैं। उन्हें छोड़ने के लिए आए लोग हाथ हिलाते हुए लौट जाते हैं। हेलीकाप्टर स्टार्ट होता है और चंद मिनट में हम बादलों के बीच पहुंच जाते हैं। वीटी जेएसए की तेज आवाज के बीच मुख्यमंत्री संक्षेप में अपनी आज की व्यस्तता बताते हैं। चंद मिनट बाद उनके साथ चल रहे एक अधिकारी ने कागज थमा दिया। उसमें सबसे पहले कार्यक्रम का जिक्र था। यह कार्यक्रम कानपुर देहात के अकबरपुर में था जहां प्रधानमंत्री को पहुंचना था। फिर वह मतदान की ताजा रिपोर्ट मांगते हैं। एक-एक सीट का विवरण देखते हैं और तुलना करते हुए कहते हैं कि पिछला जैसा ही जा रहा है। पहला पड़ाव: अकबरपुर-कानपुर देहात, सुबह 11 बजे हम माती पुलिस लाइन में उतरते हैं। वहां भाजपा नेताओं का पूरा अमला स्वागत में मौजूद है। मुख्यमंत्री सभी से मुस्कुराते हुए मिलते हैं। किसी से हालचाल तो किसी से रैली के बारे में दो-दो शब्द में पूछते हैं। फिर उनका काफिला आयोजन स्थल की ओर प्रस्थान करता है। रैली स्थल पर वह सीधे मंच पर पहुंचते हैं और एक जोश भरे अभिवादन के साथ माहौल की तपिश बढ़ाने का प्रयास करते हैं। वह पूरी व्यवस्था खुद संभालते हुए पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हैं। सबसे पहले वह बल्लियों को हटवाते हैं ताकि रोड के किनारे खड़ी भीड़ अंदर आ सके। वह संदेश भी भेजते हैं कि भीड़ को न रोका जाए। मोदी का स्वागत करते हुए वह उनके सवालों के जवाब भी देते हैं। सेफ हाउस में चुनाव पर मोदी के साथ लंबी मंत्रणा और फिर रैली को संबोधित करते हैं। मोदी सीएम की तारीफ में कहते हैं कि योगी के राज में माफियागीरी आखिरी सांस ले रहा है। मोदी के जाते ही योगी अपने सेफ हाउस में आ जाते हैं। वह सांसद से लेकर जिलाध्यक्ष, वर्तमान विधायकों व प्रत्याशियों को बुलाते हैं। उनके साथ 15 मिनट तक मंत्रणा करते हैं, रणनीति बताते हैं। फिर काफिला पुलिस लाइन की ओर बढ़ता है। अकबरपुर से किशनी के लिए उड़ते ही योगी चार डिब्बे वाला लंच बॉक्स खोलते हैं। भोजन के बाद थोड़ा मौका देखकर मैं उनसे कुछ मुद्दों पर सवाल करता हूं। हेलीकाप्टर के तेज शोर के बीच वह सीधा और सपाट जवाब देते हैं। दूसरे और तीसरे चरण में मतदान की रिपोर्ट लेते हैं। फिर एक फाइल उनके सामने आती और वह कुछ जरूरी नोट पढ़ते हैं। बीच-बीच में मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर के शीशे से झांकते हैं। कुछ देखने और समझने की कोशिश करते हैं। दोपहर में धूप के साथ ही किशनी की सभा में भी योगी के पहुंचते ही गर्माहट भर जाती है। योगी-योगी और जय श्रीराम के नारे लगते हैं। योगी चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं। वह सीधे समाजवादियों पर हमला बोलते हैं। माफिया-गुंडों और जमीन कब्जाने की पुरानी घटनाएं याद दिलाते हैं। आतंकी हमलों का जिक्र ही नहीं करते, यह भी बताते हैं कि कैसे इन्हीं आतंकियों से सपा सरकार में मुकदमे वापस लेने का काम किया गया। वह यहां बुलडोजर को लेकर आते हैं और फिर अखिलेश के इत्र वाले मित्र का भी जिक्र करते हैं। मौजूद भीड़ उनके हर वाक्य का समर्थन करते हुए नारे लगाती है। कुछ वादों और कुछ इरादों की बातों के साथ सभा खत्म होती है। तीसरा पड़ाव: सादाबाद-हाथरस, दोपहर 3:30 बजे हमारा अगला पड़ाव सादाबाद है। योगी कुछ मिनट के लिए आंखें बंद कर लेते हैं। दोपहर के साढ़े तीन बज चुके हैं। सियासी तपिश के साथ मौसम में भी थोड़ी गर्मी बढ़ती है। हाथरस के सादाबाद की धरती पर उतरने से पहले वह मतदान प्रतिशत पूछते हैं फिर खुद एक-एक जिले का मतदान प्रतिशत देखते हैं। पिछला प्रतिशत भी याद करते हैं। सादाबाद से पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय मैदान में हैं। योगी अपने भाषण की शुरुआत फिर एक बार समाजवादियों पर हमले से करते हैं। इस बार वह काका हाथरसी की पंक्तियां-‘नाम-रूप के भेद पर कभी किया है गौर,नाम मिला कुछ और तो शक्ल-अक्ल कुछ और ’ पढ़ते हैं, वह इसका मर्म भी बताते हैं। उनका इशारा समाजवादियों की ओर होता है। योगी हर घर नल योजना के तहत पानी पहुंचाने का वादा भी करते हैं। चौथा पड़ाव: हाथरस समय: शाम 4:07 बजे सादाबाद में उड़ते समय वह संगठन से जुड़े आरपी सिंह को भी साथ में बिठा लेते हैं। हाथरस का चंद मिनट का सफर। हेलीकाप्टर में आधा गिलास पानी पीते हैं फिर आरपी सिंह से पुराने नेताओं की ईमानदारी व सादगी की चर्चा करते हैं। चंद मिनट में ही हम हाथरस में होते हैं। यहां कोई सेल्फी लेने की कोशिश करता है तो कोई आशीष। कार्यकर्ता उत्साह में भरकर उन्हें गदा भेंट करते हैं और उसके मर्म को भी मुख्यमंत्री वहां मौजूद जनमानस को समझा देते हैं। यहां कोसी कला का दंगा और जवाहरबाग कांड याद दिलाते हैं। कांवड़ यात्रा निर्विघ्न संपन्न होने की बात करते हैं। यहां वह गर्मी उतारने की बात नये अंदाज में कहते हैं। हींग के लिए विख्यात हाथरस में बताते हैं कि भोजन को स्वाद-सुगंध देने वाली हींग सर्दी घटाने का भी काम करती है और फालतू गर्मी को छांटने का भी। हर-हर, बम-बम के साथ वोट डालने की अपील करते हैं। पांचवां पड़ाव: सिकंदराराऊ समय: शाम 4:57 बजे हाथरस से उड़कर हम शाम ढलने से पहले सिकंदराराऊ की जनसभा में पहुंचते हैं। यहां लगभग सभी तरफ भीड़ थी। योगी-योगी और जयश्री राम के नारे बुलंद थे। योगी ने हेलीकाप्टर के ऊपर से ही हाथ हिलाया तो पूरी रैली में करंट-सा दौड़ गया। मंच पर पहुंचते ही अपने अंदाज में अभिवादन करते हैं। यहां वह फिर दोहराते हैं कि उनके एक हाथ में विकास की छड़ी तो दूसरे में बुलडोजर का लीवर होगा। अहेरिया समाज को न्याय दिलाने का वचन देते हैं। हाथरस की धरती पर वह तीसरी बार राजा महेंद्र प्रताप का नाम लेते हैं। बाबूजी यानि कल्याण सिंह को याद करने के बहाने वह लोगों को भी उनकी याद दिलाते हैं। साढ़े पांच बजे हमारा हेलीकॉप्टर आगरा के लिए उड़ता है। आगरा में हमें हेलीकाप्टर को छोड़कर विशेष विमान से लखनऊ के लिए निकलना था। एयरपोर्ट पर जिस समय सभी उतरे तब सूरज अस्त होने के लिए तैयार था। यहां कुछ मिनट रुकने के बाद शाम 6:20 पर हम लखनऊ के लिए उड़ते हैं। लखनऊ में उतरते समय शाम के 7 बज रहे थे। यहां से मुख्यमंत्री की फ्लीट उनके आवास 5, कालिदास मार्ग के लिए प्रस्थान करती है। अंतिम पड़ाव:पांच कालिदास मार्ग, समय शाम 7:25 साढ़े सात बजते-बजते वह अपने आवास पर पहुंच जाते हैं। आवास में अंदर दाखिल होने की जगह सीधे मीटिंग रूम में चले जाते हैं जहां पहले से एक टीम बैठी है। मीटिंग के बाद फाइलों पर अफसरों से बातचीत होती है। फिर वह मतदान का पूरा फीडबैक लेते हैं। रात दस बजे के बाद उनका दिन समाप्त होता है। अपना कटआउट देखकर हंस पड़े कानपुर देहात के अकबरपुर की रैली से पुलिस लाइन लौटते समय रास्ते में एक व्यक्ति योगी का कटआउट लादकर लिये जा रहा था। उसे देखकर सीएम अपनी हंसी नहीं रोक पाए बोेले, यह इसे अपने घर तक लेकर जाएगा। फिर एक-दो लोग पीएम का कटआउट ले जाते दिखे। वैक्सीन की बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सभी जनसभाओं में वैक्सीन की बात भी कही। उन्होंने हाथ उठवाकर सभी से पूछा कि वैक्सीन लगवाई कि नहीं। उन्होंने उसका महत्व भी बताया और उसी के बहाने विरोधियों पर निशाना साधा और यह भी याद दिलाते रहे कि मोदी सरकार ने सभी को मुफ्त वैक्सीन दी है। दोपहर के खाने में रोटी-सब्जी योगी ने सुबह नाश्ते में दलिया और कुछ फल लिए। इसके बाद शुरू होती है उनकी चुनावी यात्रा। वह चार बार थोड़ा-थोड़ा जल ग्रहण करते हैं और लंच में दो रोटी, आलू-गोभी-मटर की सब्जी और फ्राइड राइस लेते हैं। सलाद के तौर पर टिफिन के एक डिब्बे में कटी हुई गाजर होती है। शाम को आगरा से लखनऊ के लिए लौटते समय विशेष विमान में वह पनीर के दो पकौड़े और थोड़े से उबले आलू खाते हैं। मुझे कोई तनाव नहीं होता है। सच बोलता हूं और उस पर चलने का पूरा प्रयास करता हूं। बाकी ईश्वर पर छोड़ देता हूं। परिणाम की चिंता नहीं करता हूं।  

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