स्वास्थ्य

गैस या एसिडिटी होने पर आप भी तो नहीं खाते ये दवा?

NLEM में शामिल दवाओं का रेट राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण तय करता है।

कई कैंसर रोधी दवाएं, एंटीबायटिक दवाएं और टीके सस्ते हो जाएंगे और मरीजों का बोझ घटेगा

किन दवाओं को जोड़ा गया? इंफेक्शन से बचावी वाली दवाएं- इवरमेक्टिन, मुपिरोसिन और मेरोपेनेम शामिल हैं। इसी तरह कैंसर से बचाव और रोकथाम में काम आने वाली 4 प्रमुख दवाएं- बेंडामुस्टाइन हाइड्रोक्लोराइड, इरिनोटेकन एचसीआई ट्राइहाइड्रेट, लेनालेडोमाइड और ल्यूप्रोलाइड एसीटेट को लिस्ट में जगह मिली है। इसी तरह मनोचिकित्सा के इलाज में काम आने वाली, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी और ब्यूप्रेनोर्फिन को भी सूची में जोड़ा गया है। इसी तरह लिस्ट में गर्भ-निरोधक दवाएं, सांस से संबंधी बीमारियों की दवा, हार्ट व आंख से संबंधित कुछ दवाओं को भी जगह मिली है।

किन दवाओं को लिस्ट से किया गया बाहर? केंद्र सरकार ने जरूरी दवाओं की सूची से 26 दवाओं को बाहर कर दिया है। जिनमें- रैनिटिडिन (Ranitidine), सुक्रालफेट, व्हाइट पेट्रोलेटम, एटेनोलोल और मेथिल्डोपा शामिल हैं। इनमें से खासकर Ranitidine को लेकर लंबे वक्त से बहस चल रही है। अमेरिका, कनाडा, इटली, डेनमार्क, फिनलैंड, नॉर्वे जैसे 15 से ज्यादा देश पहले ही इसपर एक्शन ले चुके हैं

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