विदेश

भारत ने रूस के प्रस्ताव पर नहीं किया वोट

रूस ने प्रस्ताव (Russian Resolution) पर मांग की थी कि यूक्रेन में मानवीय कर्मचारी

रूस और यूक्रेन के बीच जंग (Russia Ukraine War) जारी है. ऐसे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रूस द्वारा यूक्रेन में मानवीय संकट (Ukraine Humanitarian Crisis) को लेकर प्रस्ताव लाया गया था. इसमें पक्ष में रूस (Russia) और चीन (China) के 2 वोट पड़े. जबकि, भारत समेत 13 सदस्यी देशों ने वोट नहीं दिया. 

भारत ने वोटिंग में नहीं लिया हिस्सा

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में छपी खबर के अनुसार, भारत (India) ने यूक्रेन में मानवीय संकट (Ukraine Humanitarian Crisis) पर रूस द्वारा लाए गए प्रस्ताव (Russian Resolution) से दूर रहकर रूस-यूक्रेन स्थिति पर अपना रुख बरकरार रखा है. रूस के पक्ष में वोट नहीं पड़ने पर UNSC ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया. भारत और UNSC के 12 अन्य सदस्यों ने प्रस्ताव पर वोट नहीं किया.

चीन ने किया समर्थन

रूस ने प्रस्ताव (Russian Resolution) पर मांग की थी कि यूक्रेन में मानवीय कर्मचारी, महिलाएं और बच्चों समेत सभी नागरिक पूरी तरह से सुरक्षित हैं. उसने लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने और दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए संघर्ष विराम का आह्वान भी किया. ऐसे में वहां संबंधित पक्षों को मानवीय संकट पर सहमत होने की आवश्यकता है. हालांकि, रूस के इस प्रस्ताव पर चीन को छोड़कर किसी देश ने वोट नहीं किया.

भारत पहले भी छोड़ चुका है वोटिंग

वहीं, भारत ने वोट में हिस्सा नहीं लिया. भारत पहले भी यूक्रेन पर रूस के हमले पर लाए गए प्रस्तावों पर सुरक्षा परिषद में 2 बार और महासभा में 1 बार वोटिंग छोड़ चुका है. वहीं, रूस के प्रस्ताव पर अमेरिका (America)  ने कहा है कि यह ठीक नहीं है कि रूस पहले खुद हमला करके समस्या खड़ी करता है, बाद में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मानवीय संकट को हल करने के लिए कहता है.

चीन ने किया आह्वान

वहीं, UNSC में ब्रिटेन (Britain) के राजदूत बारबरा वुडवर्ड ने कहा कि उनका देश सुरक्षा परिषद या महासभा में किसी भी प्रस्ताव के लिए मतदान नहीं करेगा,  जो यह नहीं मानता कि रूस इस मानवीय तबाही का एकमात्र कारण है. वहीं, रूस के प्रस्ताव का एकमात्र समर्थक होने के नाते चीन ने कहा कि सुरक्षा परिषद को यूक्रेन में मानवीय स्थिति में अपनी भूमिका निभानी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि झांग जून ने बीजिंग की छह-सूत्रीय पहल की ओर इशारा किया और सुरक्षा परिषद के सदस्यों से कहा कि पक्ष में वोट यूक्रेन में मानवीय स्थिति को प्राथमिकता देने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान है.

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