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भारत के बेंगलुरु में प्रदूषण से सबसे अधिक मौत, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

एक रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु में साल 2020 में 12 हजार मौतें हुई और इसका कारण कोरोना या कोई अन्य बीमारी नहीं, बल्कि वायु प्रदूषण था

भारत प्रदूषण की गंभीर समस्या से गुजर रहा है. आलम यह है कि लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है. प्रदूषण के चलते लोगों की ये मजबूरी बन गई थी कि लोगों को कोविड से पहले ही मास्क पहनकर घर से निकलना पड़ रहा था. वहीं, नई रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के वायु प्रदूषण को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यहां के वायु प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)के मानकों से अधिक है. इसके चलते यहां साल 2020 में लगभग 12 हजार मौतें हुईं.

वार्षित औसत के आधार पर लिए गए नमूने

ग्रीनपीस इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के प्रदूषण का स्तर अन्य साउथ इंडियन शहरों के मुकाबले काफी भयानक है. यहां के 10 एयर क्वलिटी मॉनिटरिंग स्टेशन से पीएम-2.5 और पीएम-10 से वार्षिक औसत के आधार पर नमूने लिए गए. इनके आधार पर पता चला कि सभी स्थानों पर वायु प्रदूषण का स्तर WHO के मानकों से अधिक है. यह रिपोर्ट भी ऐसे समय में आई है, जब लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूरी बना रहे हैं.  रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश के सभी शहर प्रदूषित हैं और 80 प्रतिशत से अधिक शहर व कस्बों में पीएम-10 का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक है.

दिल्ली के  AQI में सुधार

हालांकि, दिल्ली-NCR में प्रदूषण के स्तर में बृहस्पतिवार को सुधार देखने को मिला हैं. दिल्ली का वायु प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है. दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स ( AQI) 262 दर्ज किया गया है. वहीं, एनसीआर क्षेत्र में गाजियाबाद का AQI 196 और गुरुग्राम का AQI 219 दर्ज किया गया है.

AQI की ऐसी की जाती है गणना

एयर क्वॉलिटी इंडेक्स जब 0-50 होता है तो इसे ‘अच्छी’ श्रेणी में माना जाता है. 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘अत्यंत खराब’, 400-500 को ‘गंभीर’ और 500 से ऊपर एयर क्वॉलिटी इंडेक्स को ‘बेहद गंभीर’ माना जाता है.  

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