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नजफगढ़ ड्रेन को बनाया जाएगा टूरिस्ट स्पॉट ड्रेन से मिली साहिबी नदी तो धीरे-धीरे बन गई नाला

नजफगढ़ ड्रेन को वाटर फ्रंट के रूप में विकसित करने के लिए सिंचाई एवं बाढ़ विभाग की बनाई योजना के दस्तावेजों से से पता चलता है

नजफगढ़ नाले की सफाई के साथ ही सरकार ने उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर काम शुरू कर दिया है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से यहां नजफगढ़ ड्रेन वाटर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही साइकिल ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक के साथ क्रूज ड्राइव टूर की भी योजना बनाई जा रही है। योजना पर प्रशासनिक व्यय के लिए विभाग की ओर से 5.31 करोड़ की मंजूरी दी जा चुकी है। नजफगढ़ ड्रेन को वाटर फ्रंट के रूप में विकसित करने के लिए सिंचाई एवं बाढ़ विभाग की बनाई योजना के दस्तावेजों से से पता चलता है कि यह काम बसईदारापुर से छावला के बीच होगा। इस परियोजना पर सिंचाई बाढ़ नियंत्रण विभाग अलग से 6.22 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक परामर्शदाताओं का काम नजफगढ़ ड्रेन पर वाटर फ्रंट डेवलपमेंट के लिए व्यापक स्तर पर अपने सुझाव देना है। इसमें सड़कों और पुलों की डिजाइन के साथ नाले के दोनों तरफ आकर्षक सड़क की डिजाइनिंग, डबल डेकर पुल की डिजाइनिंग, साइकिल पथ, पैदल पथ, विकसित स्थल की सीसीटीवी निगरानी के लिए केंद्रीय कमांड केंद्र और क्रूज ड्राइव टूर प्लान शामिल है। ड्रेन से मिली साहिबी नदी तो धीरे-धीरे बन गई नाला क्या आपको मालूम है कि जिसे हम नजफगढ़ नाला कहते हैं, वह दरअसल साहिबी नदी है। राजस्थान के रास्ते हरियाणा के रेवाड़ी और रोहतक जिलों से होती हुई साहिबी नदी पहले नजफगढ़ झील में आकर मिलती है। जब झील पूरा लबालब भर जाता है तो उसका पानी यमुना में जाकर गिरता है। जानकार बताते है कि नजफगढ़ नाले का पानी एक समय बिल्कुल साफ होता था।

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