लाइफस्टाइल

पेरेंट्स अपने किड्स को जरूर सिखाएं ये आदतें, इसका फायदा उन्हें आगे चलकर भी होता है।

शैतान और बद्तमीज बच्चे किसी को पसंद नहीं होते हैं। बेहतर स्किल्स का होना जरूरी है लेकिन इस स्किल्स का इस्तेमाल गलत जगह करना सही नहीं है

शैतान और बद्तमीज बच्चे किसी को पसंद नहीं होते हैं। बेहतर स्किल्स का होना जरूरी है लेकिन इस स्किल्स का इस्तेमाल गलत जगह करना सही नहीं है। अक्सर उन बच्चों को याद किया जाता है जो या तो ज्यादा शैतान होते हैं या फिर ज्यादा शांत। अगर आपका बच्चा शांत और अच्छी आदतों में उलझा रहता है तो उसे हर कोई याद रखता है। जैसे आपके अंदर की सोशल स्किल दोस्तों और सहकर्मियों के साथ अच्छा बॉन्ड बनाने में काम आती है तो वहीं बच्चों में सोशल स्किल्स का होना बहुत जरूरी है। कम उम्र में ही अगर बच्चे इस चीज को सीख जाते हैं तो इसका फायदा उन्हें आगे चलकर भी होता है। ऐसे में कुछ ऐसे जरूरी सोशल स्किल्स हैं जो हर पैरेंट्स को अपने बच्चे को सिखाने चाहिए।

1) मदद या सहयोग करना

किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए एक-दूसरे का सहयोग जरूरी होता है। दूसरों के साथ अच्छे रिश्ते बनाने के लिए इस स्किल का होना जरूरी है। ऐसा करने से आप दूसरों की भावनाओं और विचारों को जानना भी सीखते हैं। ऐसे में बच्चों को बचपन से दूसरों को सहयोग करने के बारे में बताएं।  

2) बातों को सुनना 

कई लोगों में ये स्किल नहीं होती है। अक्सर लोग सामने वाले की बातें चुप रहकर बस सुनते रहके हैं। लेकिन आप अपने बच्चे को ऐसा न सिखाएं, बल्कि उन्हें बताएं की सामने से आपको कोई कुछ कह रहा है तो उसको सिर्फ सुनने की बजाय समझें और उसके बारे में सोचें।

3) शेयरिंग 

अध्ययनों के मुताबिक बच्चे दूसरों से तब शेयर करते हैं जब उनके पास कुछ चीज ज्यादा हो।  वहीं तीन और छह साल के बच्चे थोड़े स्वार्थी होते हैं और सात से आठ साल के बच्चे दूसरों के साथ शेयर करते हैं और निष्पक्ष रहते हैं। शेयरिंग ही केयरिंग है इस बात को हम सभी जानते हैं और ऐसे में ये बात बच्चों को सिखाना बेहद जरूरी है। ऐसा करने से बच्चे समझौता करना और निष्पक्ष रहना भी सिखते हैं। इससे बच्चों को यह भी सीखने मिलता है कि अगर वो दूसरों के लिए थोड़ा भी करते हैं तो बदले में उन्हें भी कुछ मिल सकता है।

4) पर्सनल समय जरूरी

अपने बच्चे को ये जरूर सिखाएं की हर किसी के अंदर शारीरिक और इमोशनल बॉर्डर होता है। कई बार बच्चे इतना फ्रेंडली हो जाते हैं कि सामने वाले को उसका पर्सनल स्पेस ही नहीं देते हैं। अपने बच्चे को ये बात सिखाएं और उसे कुछ सीमाएं बनाने के लिए कहें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button