स्वास्थ्य

कोरोना के बीच इस बीमारी के लक्षणों को न करें अनदेखा

देशभर में इस समय ठंड का मौसम जारी है।

देशभर में इस समय ठंड का मौसम जारी है। जनवरी-फरवरी में असामान्य रूप से बरसात ने न सिर्फ तापमान को गिरा दिया है, साथ ही कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे मौसम में सर्दी-जुकाम होना सामान्य है। बच्चों से लेकर जवान और बूढ़े लोगों तक के लिए यह समस्या बहुत आम बात है। मौसम बदलने के दौरान आने वाली छींक, हल्की सर्दी-खांसी, बदन दर्द और गले में खराश को आमतौर पर हम घरेलू उपायों से ही ठीक कर लिया करते हैं, लेकिन कोरोना के इस दौर में इन लक्षणों को लेकर अधिक गंभीर रहने की आवश्यकता है। इन दोनों बीमारियों के ज्यादातर लक्षण एक जैसे ही होते हैं, ऐसे में लक्षणों को लेकर भ्रमित होने से बचने की आवश्यकता है। आम जुकाम या सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस से होने वाले संक्रमण और कोरोना में अंतर है, पर इसके ज्यादातर लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। जानिए इस अंतर को कैसे स्पष्ट किया जा सकता है, साथ ही इससे बचाव के लिए हमें किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?

सेहत की बात: कोरोना के बीच इस बीमारी के लक्षणों को न करें अनदेखा, जानिए बचाव के आसान तरीके

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 08 Feb 2022 01:55 PM IST
कोरोना और फ्लू के मामले
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देशभर में इस समय ठंड का मौसम जारी है। जनवरी-फरवरी में असामान्य रूप से बरसात ने न सिर्फ तापमान को गिरा दिया है, साथ ही कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे मौसम में सर्दी-जुकाम होना सामान्य है। बच्चों से लेकर जवान और बूढ़े लोगों तक के लिए यह समस्या बहुत आम बात है। मौसम बदलने के दौरान आने वाली छींक, हल्की सर्दी-खांसी, बदन दर्द और गले में खराश को आमतौर पर हम घरेलू उपायों से ही ठीक कर लिया करते हैं, लेकिन कोरोना के इस दौर में इन लक्षणों को लेकर अधिक गंभीर रहने की आवश्यकता है। इन दोनों बीमारियों के ज्यादातर लक्षण एक जैसे ही होते हैं, ऐसे में लक्षणों को लेकर भ्रमित होने से बचने की आवश्यकता है। आम जुकाम या सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस से होने वाले संक्रमण और कोरोना में अंतर है, पर इसके ज्यादातर लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। जानिए इस अंतर को कैसे स्पष्ट किया जा सकता है, साथ ही इससे बचाव के लिए हमें किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
कोरोना काल में सेहत का रखें पूरा ख्याल
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कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए मुश्किलें जब कोई भी संक्रमण शरीर में प्रवेश करता है तो उसका सामना करने के लिए शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता उससे मुकाबला करती है। सामान्य फ्लू या सर्दी-जुकाम अक्सर होता रहता है इसलिए हमारा इम्यून सिस्टम इसे पहचानता है, लेकिन जब कोरोना जैसा कोई वायरस या बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है तो इम्यून सिस्टम के पास इससे लड़ने की रणनीति नहीं होती। ऐसी स्थिति में जब तक प्रतिरोधक क्षमता इसके लक्षणों को समझ कर, इसके खिलाफ खुद को मजबूत करती है तब तक थोड़ा समय लगता है। ऐसे में अगर इम्युनिटी ही मजबूत न हो तो बचाव करना और मुश्किल होता जाता है जिससे तकलीफ बढ़ती जाती है। इसलिए दोनों ही बीमारियों से बचाव के लिए इम्युनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है।
सर्दी-जुकाम और कोरोना में अंतर सामान्य सर्दी-जुकाम और कोरोना जैसे वायरल इंफेक्शन के लक्षण अधिकांशतः समान ही होते हैं। यह भी एक वजह है कि लोग इसे सामान्य सर्दी-जुकाम समझ कर टेस्ट ही नहीं करवाते और घर पर ही ओवर द काउंटर मेडिसिन लेकर काम चलाने लगते हैं। यहीं से बात बिगड़ने लगती है। कोरोना के लक्षण ज्यादा गंभीर होकर उलटी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया तक जा पहुंचते हैं। इसलिए लक्षण दिखाई देते ही तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना जरूरी है। यदि आपको कोरोना का संक्रमण नहीं है तो जल्दी ही आपको राहत मिल जाएगी, जबकि कोरोना के लक्षण अधिक समय तक बने रह सकते हैं। कोरोना से सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं लोगों को पहुंचा है जिन्होंने इलाज लेने में देर लगाई है।
लक्षणों की गंभीरता से करें निगरानी
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 लंबे समय तक भी रह सकते हैं संक्रमण के लक्षण कोरोना वायरस के नए-नए वैरिएंट्स के साथ ही उसके लक्षणों में भी कुछ अंतर देखा जा रहा है। इस बारे में जानकारी होना और इसका समय पर पहचान करना आवश्यक है। कोरोना के बहुत से मरीजों को शरीर के साथ-साथ मानसिक रूप से भी ठीक होने में वक्त लग सकता है। मतलब इसका असर लम्बे समय तक रहता है और इसके लिए आपके पास बकायदा बीमारी के सही प्रबंधन का होना जरूरी है।
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए मुश्किलें जब कोई भी संक्रमण शरीर में प्रवेश करता है तो उसका सामना करने के लिए शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता उससे मुकाबला करती है। सामान्य फ्लू या सर्दी-जुकाम अक्सर होता रहता है इसलिए हमारा इम्यून सिस्टम इसे पहचानता है, लेकिन जब कोरोना जैसा कोई वायरस या बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है तो इम्यून सिस्टम के पास इससे लड़ने की रणनीति नहीं होती। ऐसी स्थिति में जब तक प्रतिरोधक क्षमता इसके लक्षणों को समझ कर, इसके खिलाफ खुद को मजबूत करती है तब तक थोड़ा समय लगता है। ऐसे में अगर इम्युनिटी ही मजबूत न हो तो बचाव करना और मुश्किल होता जाता है जिससे तकलीफ बढ़ती जाती है। इसलिए दोनों ही बीमारियों से बचाव के लिए इम्युनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है।
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बचाव के लिए क्या करें? सामान्य सर्दी-जुकाम आमतौर पर साल में एक-दो बार हो जाता है। इसमें बहुत साधारण से उपाय जैसे गर्म पानी पी लेने, गरारे करने, थोड़ा समय आराम कर लेने आदि से भी आराम हो जाता है। लेकिन यदि शरीर पहले से किसी बीमारी से लड़ रहा है, अंदर से कमजोर है, जीवनशैली बहुत असंतुलित है और खान-पान भी, तो दवाएं लेने के बाद भी ठीक होने में समय लगता है। कोरोना इसका फायदा उठाता है और इस समय में वह शरीर के भीतरी अंगों पर तेजी से हमला शुरू कर देता है। इसलिए कोरोना आने के बाद से डॉक्टरों ने संतुलित जीवनशैली और पौष्टिक खान-पान पर और भी जोर देना शुरू किया है। ऐसी आदतें आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूती बनाती हैं। कोरोना और सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षणों की पहचान कर उनका समय से इलाज कराना सुनिश्चित कराएं।

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