किडनैपिंग, रेप और मर्डर के एक जघन्य मामले ने पूरे जम्मू-कश्मीर को हिलाकर रख दिया है। कश्मीर में उस समय शोक, दहशत और अविश्वास का माहौल छा गया, जब बडगाम जिले से लापता हुई 12 साल की एक बच्ची अपने घर के पास मृत पाई गई। इस घटना ने लोगों की अंतरात्मा को झकझोर दिया है और पूरी घाटी में भारी गुस्सा भड़का दिया है। शनिवार को लापता हुई 12 साल की बच्ची का शव रविवार को मध्य कश्मीर के बडगाम ज़िले में उसके घर के पास मिला। पुलिस को शक है कि यह रेप और मर्डर का मामला है। इस घटना से पूरे कश्मीर में सदमे की लहर दौड़ गई है।
विरोध प्रदर्शन और कार्रवाई की मांग
बडगाम की इस घटना को लेकर राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने अपना दुख और हैरानी जाहिर की है। सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं ने इस जघन्य अपराध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद वे तितर-बितर हो गए हैं।
राज्यपाल और सीएम ने जताया दुख
बता दें कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और मीरवाइज उमर फारूक ने भी बडगाम की इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में एक नाबालिग बच्ची की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस घटना को जघन्य करार देते हुए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मामले की गहन और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा- “मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में एक कम उम्र की बच्ची की दुखद हत्या बेहद चौंकाने वाली और अत्यंत पीड़ादायक है। जहां एक ओर संबंधित एजेंसियां उसकी हत्या के कारणों की जांच कर रही हैं, वहीं यह भी जरूरी है कि हम एक समाज के तौर पर इस बात पर विचार करें कि हम किस दिशा में जा रहे हैं, जब हमारे अपने बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं। मैं बिना किसी शर्त या हिचकिचाहट के इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूं और बच्ची के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उसकी आत्मा को जन्नत में जगह दे। मेरी सरकार दोषी पाए जाने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए संबंधित एजेंसियों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।”
वहीं, मीरवाइज उमर फारूक ने कहा- “बडगाम में 12 साल की एक बच्ची की दुखद मौत से मैं बेहद दुखी और व्यथित हूँ। यह बच्ची ‘दरसगाह’ (धार्मिक शिक्षा केंद्र) जाते समय लापता हो गई थी।”
शाम को घर से निकली थी बच्ची
अधिकारियों के अनुसार, बच्ची शनिवार शाम को अपने घर से निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाबालिग के अपहरण से संबंधित धाराओं के तहत FIR संख्या 139/2026 दर्ज की थी और पूरी रात बच्ची की तलाश में एक व्यापक अभियान चलाया था। परिवार ने शनिवार देर रात पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, और रविवार सुबह-सुबह, उसके घर से महज 200 मीटर की दूरी पर उसका शव मिला।
पुलिस ने क्या बताया?
बडगाम के SSP हरिप्रसाद K K ने बताया, “सुबह करीब 7.15 बजे, लड़की के घर से लगभग 200 मीटर दूर एक खाली जमीन से शव बरामद किया गया। हमने मेडिकल से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। पहली नजर में, यह रेप और हत्या का मामला लग रहा है।” पुलिस ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर न करें और न ही उसकी तस्वीरें फैलाएं; ऐसा बच्चों की गरिमा की रक्षा करने वाले कानूनी प्रावधानों के तहत किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि वे ऐसी कोई भी बिना पुष्टि वाली जानकारी, गलत सूचना या बेबुनियाद अटकलें न फैलाएं, जिनसे जांच में बाधा पड़ सकती हो।

