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खार्किव में राशन लेने गए भारतीय छात्र की बमबारी से मौत; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्र के पिता से बात कर दुख जताया है।

यूक्रेन पर रूस के हमले के छठवें दिन खार्किव शहर में एक भारतीय छात्र नवीन कुमार की मौत हो गई है।

यूक्रेन पर रूस के हमले के छठवें दिन खार्किव शहर में एक भारतीय छात्र नवीन कुमार की मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोशल मीडिया पर कहा- हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि खार्किव में बमबारी की वजह से एक भारतीय छात्र की जान चली गई है। हम उसके परिवार के संपर्क में हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्र के पिता से बात कर दुख जताया है।

नवीन शेखरप्पा की बॉडी वापस लाई जाएगी इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को युक्रेन से अपने नागरिकों को निकालने के लिए हाईलेवल मीटिंग की। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि इसमें तय किया गया कि अगले तीन दिन में भारत से 26 फ्लाइट्स यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लाने के लिए भेजे जाएंगे। श्रृंगला ने बताया कि पीएम ने युक्रेन में भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत पर दुख व्यक्त किया है। विदेश सचिव ने आगे बताया कि नवीन की डेड बॉडी मेडिकल यूनिवर्सिटी की मॉर्चरी में रखी गई है। हम वहां की लोकल अथॉरिटी के संपर्क में है, जल्द ही शव को भारत लाया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, मृतक छात्र नवीन कर्नाटक का रहने वाला था। उसकी उम्र 21 साल थी और वह खाना लेने के लिए बाहर निकला था। उसके पिता ने देश के मेडिकल एजुकेशन सिस्टम पर गुस्सा जताया। उन्होंने बताया कि प्री यूनिवर्सिटी कोर्स में 97 फीसदी अंक लाने के बाद भी उसका मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं हो सका था। देश में मेडिकल कॉलेज सीट के लिए करोड़ों रुपए लगते हैं। जबकि विदेशों में यह कोर्स कम पैसे में हो जाता है।

ह खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में फोर्थ ईयर का छात्र था। छात्र की जिंदगी छीनने वाली इस घटना के बारे में तफसील से जानने से पहले आप भारतीय नागरिकों की हिफाजत पर अपनी राय यहां दे सकते हैं..

नवीन के साथ होस्टल में रहने वाले श्रीधरन गोपालकृष्णन ने बताया- यूक्रेन के समय के मुताबिक, सुबह 10.30 बजे नवीन राशन की दुकान के सामने लाइन में लगा था। उसी समय रूसी सेना ने लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। हमारे पास उसकी बॉडी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हम में से किसी को अस्पताल जाने की इजाजत भी नहीं दी गई है, ताकि हम पता लगा सकें कि उसकी बॉडी कहां रखी गई है।

ग्लोबमास्टर यूक्रेन जाने के लिए स्टैंडबाय बागची ने कहा- यूक्रेन में भारतीय नागरिकों को बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला रूस और यूक्रेन के एम्बेसेडर्स के संपर्क में हैं। नागरिकों की तत्काल और सुरक्षित वापसी हमारी प्राथमिकता है। यही कार्रवाई रूस और यूक्रेन में हमारे राजदूत कर रहे हैं। इंडियन एअरफोर्स के एक अधिकारी ने बताया कि छात्रों को लाने के लिए भारतीय वायु सेना का सी-17 परिवहन विमान बुधवार सुबह 4 बजे रोमानिया के लिए रवाना होगा। विमान गाजियाबाद के हिंडन में अपने होम बेस से उड़ान भरेगा।

यूक्रेन में रूसी सेना के हमले तेज इधर, रूस ने कीव, खार्किव और चेर्निहाइव में आर्टिलरी (तोपों) से हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन में मौजूद इंडियन एम्बेसी ने सभी भारतीय नागरिकों को फौरन कीव छोड़ने को कहा है। एम्बेसी की तरफ से जारी इमरजेंसी एडवाइजरी में कहा गया- भारतीय जिस हाल में हैं, उसी स्थिति में तुरंत शहर से बाहर निकल जाएं।

कर्नाटक के CM ने नवीन के पिता से बातचीत की

नवीन की मौत की पुष्टि कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी कर दी है। राज्य के CM एसआर बोम्मई ने नवीन के पिता से खुद बातचीत की है। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा है कि नवीन का पार्थिव शरीर लाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। सीएम ने कहा कि इस मामले में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।

राहुल गांधी ने जताया दुख भारतीय छात्र की मौत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताया है। उन्होंने मृत छात्र के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही भारत सरकार से छात्रों को जल्द और सुरक्षित लाने की अपील की है।

दो दिन पहले ही नवीन ने की थी पिता और दादा से बात नवीन ने दो दिन पहले ही अपने पिता और दादा से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बात की थी। पिता ने तब नवीन को सलाह दी थी कि अगर उसके पास भारतीय झंडा हो तो उसे अपनी बिल्डिंग पर फहरा दे। दादा ने उससे कहा था कि सीमा तक सुरक्षित जाने के रास्ते ढूंढना लेकिन बमबारी के बीच बाहर मत निकलना। NDTV के हवाले से पढ़िए बातचीत के कुछ अंश…

नवीन के पापा: हैलो, भुवि कितने लोग अभी तक निकल पाए हैं वहां से?नवीन:- 15 से 20 लड़के मेरे सीनियर्स हैं वो जा पाए हैं। नवीन के पापा: 15 से 20 सीनियर्स निकल गए हैं अभी तक ऐसा कह रहा है। नवीन के दादा: भुवि मैं तुम्हारा दादा बोल रहा हूं तुम भी वहां से तुरंत निकलने की कोशिश करो, वहां से किसी भी तरह निकल जाओ। नवीन: सब कोशिश कर रहे हैं। दादा: हां करो क्योंकि दिन ब दिन वहां हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नवीन: हां दादा: हमने मंत्री पीयूष गोयल से बात की है, उन्होंने कहा कि वहां थोड़ी परेशानी ज्यादा है। किसी तरह कोशिश करके वहां से मूव कर जाए तो बचाव सम्भव है। उन्होंने कहा है कि हमारी सरकार ने दोनों देशों से बात की है, दोनों देशों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वहां पर इंडियंस को कुछ नहीं होगा। नवीन: जी दादा: इसीलिए तुम कुछ प्लान करो, इनिशिएटिव लो। सिचुएशन को पूरी तरह पहले देख लो, बमबारी के वक्त बाहर मत निकलना समझे। नवीन: जी समझ गया। दादा: कोई ट्रेन बस मिल जाए। नवीन: हां अज्जा इन्फो मिली है कि अब ट्रेन्स चलने लगी है, सुबह 6 बजे 10 बजे और दोपहर 1 बजे की ट्रेन है। दादा: वहां के हालात देखकर ही फैसला लेना। 40-50 KM निकल जाओगे तो कुछ रास्ता निकल मिल जाएगा, लेकिन बिना किसी मदद के अपने आप कोई खतरा मत उठाना।

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