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मंच पर अचानक थम गया कुमार विश्‍वास का माइक, कवि ने ली ऐसी चुटकी;

प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने मध्य प्रदेश के भोजपुर में जमकर समा बांधा तो वहीं पर्यटन विभाग पर माइक व्यवस्था ठीक ना होने के कारण कटाक्ष भी करते नजर आए.

 मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय भोजपुर महोत्सव के तीसरे दिन समापन के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें देश के प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने जमकर समां बांधा. वहीं, पर्यटन विभाग पर माइक व्यवस्था ठीक ना होने के कारण कटाक्ष भी करते नजर आए.

माइक ठीक न होने पर किया कटाक्ष 

प्रस्तुति के दौरान अन्य कवि अपनी कविताएं सुना रहे थे तो उपस्थित श्रोता बार-बार कुमार विश्वास को सुनने के लिए बेताब हो रहे थे. इसी बीच कुमार विश्वास उठे और माइक थामा तो माइक थमते ही तालियां बजना शुरू हो गईं. माइक ठीक नहीं होने और सही आवाज नहीं आने पर नाराजगी जताते हुए बोले कि माइक सरकारी है, उसकी आवाज उतनी ही निकलेगी, जितनी सरकार चाहेगी.

कम पैसे मिलने पर किया कटाक्ष 

वहीं उन्होंने दूसरा कटाक्ष करते हुए श्रोताओं से कहा कि मन लगाकर कवियों की कविताएं सुनें. उन्होंने कहा कि भोपाल, धार और विदिशा के लोगों ने बहुत अच्छी तरीके से मुझे सुना था. मुझे पैसे भले कम मिले, पर लोगों ने सुना तो बहुत अच्छे तरीके से. मेरे साथ आए हुए सभी कवि बहुत अच्छी कविताएं सुनाते हैं, कृपया कर इन्हें सुनें.

कविता से बांधा समां 

देश के प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास, मदन मोहन समर, संदीप शर्मा जैसे कई दिग्गज कवियों ने अपनी कविताओं से समा बांधा. इस कवि सम्मेलन में डॉ. कुमार विश्वास आकर्षण का केंद्र रहे तो उनकी गाई कविताओं पर लोग झूमते नजर आए. कुमार विश्वास ने ‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है’ कविता से ऐसा समां बांधा कि सारे क्षेत्र में तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी.

कविताओं के माध्यम से पर्यटन विभाग पर कटाक्ष 

देश के प्रसिद्ध वीर रस के कवि मदन मोहन समर ने भी जमकर समा बांधा तो उनकी देशभक्ति कविताओं से लोगों का मन मोह लिया. वहीं, कुमार विश्वास अपनी कविताओं के माध्यम से पर्यटन विभाग पर कटाक्ष करते भी नजर आए.  

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