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ललितपुर-साहब हमें भी दो शीतकालीन अवकाश ठंड में ठिठुरकर जाना पड़ता है विद्यालय

जहां एक और उत्तर प्रदेश मैं चल रही शीत लहर के चलते लगभग सभी आवासीय विद्यालयों में है

उत्तर प्रदेश मे चल रही सीत लहर मे जहाँ प्रदेश भर के ज्यादातर कस्तूरबा विद्यालय को बन्द कर रखा है तो वही ललितपुर जिले के कस्तूरबा विद्यालयों मे विद्यार्थियों की तो छुट्टी है पर शिक्षको को बराबर बुलाया जा रहा है एसी कड़ाके की ठन्ड मे विद्यालय ठन्ड मे दूर से सफर कर के विद्यालय पहुचना पड़ता है कस्तूरबा के हेड योगेश मिश्रा उनका कहना है कि कस्तूरबा में तैनात जिले के सभी शिक्षकों को शीतकालीन अवकाश इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि हमें जिले मैं सभी कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त बनाना है यह कहना है जिला शिक्षा विभाग मे तैनात अधीकारी योगेश मित्रा का उन्होने कैमरे सामने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया और कहा की जो कुछ भी पूछना है सब जिला बेसिक शिक्षा अधीकारी से पूछये योगेश मिश्रा जी के इस जवाब पर कई सवाल खड़े होते हैं कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात इन शिक्षकों की माने तो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कस्तूरबा विद्यालय बंद है तो वही ललितपुर में सभी कस्तूरबा विद्यालयों में इन सब की उपस्थिति अनिवार्य की गई है आखिर इन शिक्षकों से ऐसी कड़ाके की ठंड में क्या काम लिए जा रहे हैं वहीं शिक्षकों की मानें तो इनका मानदेय भी बहुत ही कम है इनको मात्र 8 हजार 2 सौ रुपय ही मानदेय दिया जाता है

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