राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर पहली बार बोलीं मायावती, कहा- ‘ऐसे लोग कतई भी बख्शे नहीं जाने चाहिये…’

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर पहली बार बोलीं मायावती, कहा- ‘ऐसे लोग कतई भी बख्शे नहीं जाने चाहिये…’

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एक्शन का दौर लगातार जारी है। इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में कैश की बरामदगी भी की गई है। इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्षी दल भी लगातार हंगामा कर रहे हैं। अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने भी इस मुद्दे पर बयान जारी कर दिया है।

क्या बोलीं मायावती?

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा- “अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, गबन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन किस्म-किस्म की आ रही खबरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय हैं। ऐसे लोग कतई भी बख्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं। साथ ही, अब यहां मन्दिर में श्रद्धा के चढ़ावे आदि में आगे कोई भी शिकायत ना आये, इसके लिए देश के दूसरे विख्यात व प्रसिद्ध मन्दिरों में चढ़ावे आदि के हिसाब-किताब के लिए जो वहां व्यवस्था है तो उनका यहां अयोध्या में भी अनुसरण करके इस प्रकरण को जल्दी ही सुलझाना चाहिये तो यह उचित होगा। इतना ही नहीं बल्कि देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाये तो यह सही व संवैधानिक होगा, ऐसी बी.एस.पी. की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में सलाह है और साथ ही देशवासियों से भी यह अपील है।”

चंपत राय पर उठ रहे सवाल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय पर और सवाल उठ रहे हैं। चंपत राय पर केवल चढ़ावा चोरी की अनदेखी करने का ही नहीं तय प्रक्रियाओं की अनदेखी का भी आरोप है। SOP के मुताबिक राम मंदिर की सीसीटीवी 180 दिन तक सुरक्षा रखी जानी थी लेकिन इसे 45 दिन बाद ही डिलीट कर दिया जा रहा था। इससे चढ़ावा चोरी से जुड़े कई अहम सबूत नष्ट होने की आशंका है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि चंपत राय ने मंदिर प्रबंधन का सारा काम टिन्नू यादव को सौंप रखा था। पुलिस को मंदिर में बहुत ज्यादा कुछ करने की छूट नहीं थी। चंपत राय के बिना मंदिर में पत्ता तक नहीं हिलता था। इसके बावजूद इतने लंबे समय से चढ़ावा चोरी चल रही थी और उन्हें इसकी भनक नहीं थी, इस पर हैरानी हो रही है। SIT जांच में चंपत राय के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले है लेकिन अभी तक किसी को क्लीन चिट नहीं दी गई है।

अनिल मिश्रा भी सवालों के घेरे में

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चंपत राय के अलावा अनिल मिश्रा भी सवालों के घेरे में हैं। ये जानकारी सामने आ रही है कि अनिल मिश्रा ने SIT जांच में बहुत सहयोग नहीं किया है। पूरे मामले में अनिल मिश्रा के रोल की फिलहाल जांच चल रही है लेकिन अनिल मिश्रा की प्रॉपर्टी के बारे में कुछ पता नहीं चल रहा है। पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर अनिल मिश्रा, चंपत राय के बेहद करीबी हैं। वो ट्रस्ट के सदस्य थे। उनके तीन बेटों में एक का राम मंदिर के पास रेस्टोरेंट है, दूसरा जर्मनी है डॉक्टर है जबकि तीसरा बेटा राम मंदिर के पास अस्पताल में डॉक्टर है।

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