विदेश

11000 KMPH रफ्तार वाली मिसाइल लक्ष्य को भेद सकती है-रूस

रूस और यूक्रेन के बीच जंग (Russia Ukraine War) जारी है. इस बीच पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगातार प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.

रूस और यूक्रेन के बीच जंग (Russia Ukraine War) जारी है. इस बीच पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगातार प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. ऐसे में रूस ने एक लाइटनिंग हाइपरसोनिक न्यूक्लियर मिसाइल (hypersonic nuclear missile) की फुटेज जारी की है. पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिसाइल की तस्वीरों को शेयर कर, रूस पश्चिमी देशों को यह दिखाना चाहता है कि कैसे एक झटके में हमला किया जा सकता है.

जंगी जहाज से छोड़ी गई मिसाइल

‘मिरर’ में छपी खबर के अनुसार, White Sea में एडमिरल गोर्शकोव जंगी जहाज से मैक 9 ‘जिरकोन’ -या ‘त्सिरकोन’ मिसाइल (Zircon nuke missile) को छोड़ा गया था. जंग के बीच, इन तस्वीरों को जारी करने का मकसद यह है कि अगर कोई देश यूक्रेन पर किए गए आक्रमण में हस्तक्षेप करता है, तो इन परमाणु मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

स्पीड की वजह से नहीं चल सकता पता

राष्ट्रपति पुतिन ने इन मिसाइलों को परीक्षणों को सफल करार दिया था और इसे इसी साल सेना में शामिल किया गया है. रूसी विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम में इन मिसाइलों का कोई तोड़ नहीं है. रूसी रक्षा मंत्रालय के स्वामित्व वाले चैनल ‘टीवी ज्वेज्दा का कहना है कि लांच के बाद रूसी जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल की सीक्रेट फीचर का खुलासा हो गया है. रूसी विशेषज्ञों का दावा है कि जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल की स्पीड इतनी ज्यादा है कि किसी भी देश की वायु रक्षा प्रणाली को समय पर इसका पता नहीं लगा सकती है.

टारगेट में पहुंचकर ही मिसाइल का चलेगा पता

दरअसल, इसके लांच का होने पता टारगेट हिट होने के बाद ही चल पाता है. यह मिसाइल ‘वैरिएबल ट्रेजेक्ट्री’ से लैस है, जिससे इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है. जंगी जहाज के कमांडर इगोर क्रोखमल का कहना है कि कोई भी मिसाइल के लांच और उसकी उड़ान को नहीं देख पाएगा. मिसाइल का अंदाजा तब होगा, जब वह टारगेट को निशाना बनाएंगी. मुझे नहीं लगता कि अगले कुछ वर्षों में इसका मुकाबला करने के लिए कोई मिसाइल तैयार होगी. 

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