मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान भौराकलां थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर राय सिंह गांव में रईसुद्दीन की हत्या, आगजनी और लूट के मामले में 22 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या-4 के पीठासीन अधिकारी कनिष्क कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अलग-अलग 15 एफआईआर दर्ज हुई थी, जिनकी एक साथ सुनवाई की गई।
भौराकलां थाने में तैनात दारोगा गंगा प्रसाद ने आठ सितंबर 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि हमलावरों ने मुस्लिम बस्ती पर हमला कर आगजनी की और धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ की गई। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी हमला किया गया। वादी के अलावा कांस्टेबल अमित कुमार की बाइक में आग लगा दी गई थी।
गांव के रईसुद्दीन की हत्या कर दी। पुलिस ने 45 आरोपियों के विरुद्ध घटना का मुकदमा दर्ज किया था। एसआईटी की ओर से मामले की विवेचना कर 26 आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या-4 में हुई।
ट्रायल के दौरान अलग-अलग पत्रावलियों को एक साथ सुना गया। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा। शनिवार को सुनवाई के बाद 22 आरोपी दोषमुक्त किए गए। चार आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी।
इन आरोपियों को किया गया दोषमुक्त
मोहम्मदपुर राय सिंह गांव के आरोपी ऋषिपाल, सहसंरपाल, अनिल, विनोद, काला, प्रवीन, नीकू, भूरा, जगपाल, प्रेमपाल, पप्पू, सुभाष, संजीव, करण, शेर सिंह ,मदन, जयनारायण, प्रमोद, विक्की, बादल, ब्रजबीर, हरेंद्र को दोषमुक्त किया गया है। आरोपी प्रवीण, सूरज, बबलू और नकुल की मृत्यु हो चुकी है।

