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मिस्टीरियस लेडी के सीटी स्कैन से पता चला; पेट में भ्रूण सुरक्षित, लेकिन हडि्डयां गायब थीं; रोचक खोज ने छोड़ा अहम सवाल

2000 साल पुरानी एक ममी के पेट में सुरक्षित भ्रूण मिला है। यह भ्रूण ठीक वैसा ही है जैसे अचार कई साल तक प्रिजर्व रहता है।

2000 साल पुरानी एक ममी के पेट में सुरक्षित भ्रूण मिला है। यह भ्रूण ठीक वैसा ही है जैसे अचार कई साल तक प्रिजर्व रहता है। इसे मिस्र की पहली गर्भवती ममी माना जा रहा है। मौत के वक्त इस महिला की उम्र करीब 30 साल रही होगी। उसकी मौत फर्स्ट सेंचुरी BC में हुई होगी। ममी को रिसर्चर्स ने मिस्टीरियस लेडी नाम दिया है। भ्रूण का पता लगाने के लिए उसका सीटी स्कैन किया गया था। इसके बाद यह हैरान करने वाली जानकारी सामने आई।

रोचक खोज ने छोड़ा अहम सवाल इस खोज से जुड़े मेन रिसर्चर डॉ. वोजसीज एसमंड और पोलिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के मुताबिक, हमें मिस्र या दुनिया के किसी दूसरे इलाके से अब तक कभी भी कोई गर्भवती ममी नहीं मिली थी। विज्ञान की दुनिया का यह पहला मामला है। हालांकि, ये सवाल अभी बना हुआ है कि ममी के शरीर में भ्रूण को क्यों छोड़ दिया गया, जबकि उसके बाकी अंग निकाल लिए गए थे।

ममी का सीटी स्कैन किया गया तो पता चला कि मरते समय महिला के पेट में भ्रूण पल रहा था। 2000 हजार साल बाद भी यह भ्रूण पूरी तरह से सुरक्षित है। इस पर दिखाए गए शो में बताया गया है कि यह भ्रूण सदियों से ममी के पेट के अंदर बॉग बॉडीज की तरह सुरक्षित रहा।

बॉग डॉगीज के मायने क्या बॉग बॉडीज इंसानी शवों को कहा जाता है, जब ये प्राकृतिक तौर पर ममी बनते हैं। यानी इनके ममी बनने में बहुत ज्यादा एसिड और बेहद कम ऑक्सीजन का रोल होता है। यह पीट बॉग कहलाता है। शोध में पता चला है कि इस ममी के पेट में मिला भ्रूण इसी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रहा होगा। या फिर कहें कि इसी तरह से प्राचीन मिस्र में ममी को बनाया जाता होगा।

एसिड और ऑक्सीजन का खेल जब किसी इंसान की मौत होती है तो उसके खून में मौजूद pH का लेवल कम होने लगता है। शरीर धीरे-धीरे एसिडिक होने लगता है यानी अमोनिया और फॉर्मिक एसिड बढ़ने लगता है। भ्रूण महिला के गर्भ के अंदर पूरी तरह कवर था। इसलिए वहां ऑक्सीजन की कम थी, ठीक वैसे जैसे पीट बॉग के साथ होता है। इसलिए यह भ्रूण ममी के शरीर में सुरक्षित रह गया।

भ्रूण तो मिला लेकिन हडि्डयां गायब शोध में शामिल वॉरसा ममी प्रोजेक्ट के ब्लॉग पोस्ट में लिखा गया है कि यह भ्रूण एकदम अछूता रहा है। जैसे अचार कई सालों तक रहता है। हालांकि यह तुलना सही नहीं है, लेकिन इसे समझने का और कोई बेहतर उदाहरण नहीं हो सकता। बॉग बॉडीज की तरह ही भ्रूण की बाहरी परतें भी सुरक्षित थीं, लेकिन हड्डियां पूरी तरह गायब थीं। इसके पीछे की वजह बहुत ज्यादा एसिड रहा होगा।

भ्रूण के एक्सरे भी किए गए सीटी स्कैन के दौरान भ्रूण के अंदर किसी भी तरह की हड्डी की मौजूदगी नहीं मिली। इसके एक्स-रे भी किए गए। रिसर्चर्स सीटी स्कैन या एक्सरे से हडि्डयों और शरीर की बनावट का पता लगाते हैं। डॉ. वोजसीज एसमंड ने कहा कि हमारी रिसर्च में पता चला कि भ्रूण की हड्डियां बच नहीं पाईं। हो सकता है यह तब हुआ हो जब गर्भवती महिला को ममी बनाया जा रहा हो, या फिर उसके ममी बनने के कुछ दिन बाद हड्डियां गल गईं होंगी लेकिन आकार रह गया।

इकलौती ममी, जो मरते समय गर्भवती थी डॉ. एसमंड कहते हैं कि इस खोज से ये उम्मीद भी जागी हैं कि मिस्र में या दुनिया के किसी अन्य म्यूजियम में ऐसी और ममी हो सकती हैं, जिनके अंदर भ्रूण मौजूद हो। हमें दुनिया भर से फोन, ईमेल्स आ रहे हैं। जिनका दावा है कि उन्हें भी गर्भवती ममी मिली थीं। हम एक-एक करके इन प्रपोजल की जांच करेंगे। अगर ऐसा दूसरा मामला मिलता है तो पूरी दुनिया को बताएंगे। इस समय तो यही इकलौती ममी है, जो मरते समय गर्भवती थी।

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