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रायबरेली में मंगला आरती के साथ नौ दिन के नवरात्र का हुआ आरम्भ

पर्वत राज हिमालय की पुत्री को शैलपुत्री भी कहा जाता है

रायबरेली में आज सुबह मंगला आरती के साथ नौ दिन के नवरात्र का आरम्भ हो गया। जिले के लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने मनसा देवी मंदिर में आज से नौ दिनों तक नवदुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा होगी, मां हांथी पर सवार होकर आ रही हैं । अभीष्ट सिद्धि और अभीष्ट योग में भक्तों की हर कामना को पूरा करेगी मां दुर्गा, नवरात्र में आदिशक्ति के नौ रूपों की आराधना की जाती है । पहले दिन हिमालय की पुत्री पार्वती अर्थात शैलपुत्री के रूप में आदिशक्ति का सविधि पूजन अर्चन करने का विधान है । प्रत्येक प्राणी को सदमार्ग पर प्रेरित वाली माँ का यह स्वरूप सभी के लिए वन्दनीय है । सभी भक्तों ज्वाला प्रथम दिन शैलपुत्री के रूप में पूजन व अर्चन किया जाता है । शैल का अर्थ पहाड़ होता है कथाओं के अनुसार पार्वती पहाड़ो के राजा हिमालय की पुत्री थी । पर्वत राज हिमालय की पुत्री को शैलपुत्री भी कहा जाता है उनके एक हाँथ में त्रिशूल और दूसरे हाँथ में कमल का फूल है प्रत्येक प्राणी को सदमार्ग पर प्रेरित वाली माँ शैलपुत्री सभी के लिए आराध्य है । कलश स्थापना कर पूजन करने से नौ दिन में माँ दुर्गा मन, वचन, कर्म सहित इस शरीर के नौ द्वार से सभी भक्तों की मनोकामना को पूरा करती है । भक्त को जिस – जिस वस्तुओं की जरूरत होता है वह सभी माता रानी प्रदान करती है । आज के दिन साधक के मुळचक्र जागरण होता है

सिद्धपीठ में जिले के कोने – कोने से आने वाले भक्त माँ का दर्शन पाकर निहाल हो उठते है नवरात्रि में माता के किसी भी रूप में दर्शन करने मात्र से प्राणी के शरीर में नयी उर्जा, नया उत्साह व सदविचार का संचार होता है और माँ अपने भक्तो के सारे कष्टों का हरण कर लेती है । नवरात्र के नौ दिन मां मनसा देवी के मंदिर में लाखों भक्त माँ का दर्शन पाने के लिए आते हैं ।

बाइट भक्त गड

रिपोर्ट मनीष वर्मा

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