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उद्धव ठाकरे को अच्छी विदाई भी नसीब नहीं

राज्यसभा चुनाव में MVA सरकार की मदद करने वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता इम्तियाज जलील ने भी नाम बदलने के फैसले पर सवाल उठाए

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‘मैं हमेशा के लिए नहीं जा रहा हूं, मैं यहां रहूंगा और मैं एक बार फिर शिवसेना भवन में बैठूंगा…’ यह कहते हुए शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। करीब 10 दिन चले इस सियासी संघर्ष में शिवसेना के अलावा महाविकास अघाड़ी के साथी दल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी ठाकरे के साथ डटे रहे, लेकिन सत्ता के अंतिम दिनों में लिए गए कुछ फैसलों ने कई लोगों को नाराज करने का काम किया है।

नाम बदलने पर नाराज हुए कांग्रेस और AIMIM इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव करने से कांग्रेस का एक वर्ग नाखुश नजर आ रहा है। पार्टी के वर्ग का मानना है कि ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल पार्टी के मंत्रियों को फैसले से दूरी बनानी चाहिए थी, अपना असंतोष दिखाना चाहिए था।

पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘उन्होंने कांग्रेस को इसमें शामिल कर लिया।’ उन्होंने बताया, ‘सेना हिंदुत्व को लेकर अच्छी नजर आना चाहती थी। अब कांग्रेस भी इस फैसले का हिस्सा बन गई है। हम इस निर्णय में फंस गए। हमें परिणाम भुगतने होंगे।’

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