नागपुर: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में बुर्के वाली महिला के प्रधानमंत्री बनने को लेकर एक बयान दिया था, जिसने पूरे देश में सियासी गहमागहमी तेज कर दी है। ओवैसी की इस बयान पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने पलटवार किया तो अब ओवैसी ने उनको पाकिस्तान की जहनियत वाला बता दिया। और ये भी आरोप लगाया कि सीएम सरमा को संविधान की भावना के बारे में नहीं पता है।
पाकिस्तान की जहनियत का आरोप
असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम सरमा पर पलटवार करते हुए कहा, ‘उनके दिमाग में ट्यूबलाइट है। उन्होंने संविधान की शपथ ली है। संविधान में ये सब कहां लिखा हुआ है। वो पाकिस्तान की जहनियत रखते हैं। इसीलिए पाकिस्तान के संविधान में लिखा हुआ है कि एक ही समुदाय का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। हमारे देश में बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान है, जो हिमंत बिस्वा सरमा से ज्यादा जानते थे। वे उनसे ज्यादा पढ़े-लिखे थे।
ये देश किसी एक मजहब का नहीं- ओवैसी
ओवैसी ने आगे कहा, ‘अफसोस है कि ये लोग संविधान को ना समझते, ना उसकी भावना को जानते। और ये देश किसी एक मजहब या समुदाय का नहीं है। इस देश की खूबसूरती है कि जो भगवान या अल्लाह को नहीं मानता, ये उसका भी देश है। उनकी सोच छोटी है। तभी इस तरह से छोटी बात करते हैं।’
असम सीएम ने आखिर कहा क्या था?
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था, ‘संविधान में इसको लेकर कोई रुकावट नहीं है। कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन, भारत एक हिंदू राष्ट्र है। हिंदू सभ्यता है। हम हमेशा ये मानते हैं और हमें पूरा भरोसा है कि भारतीय प्रधानमंत्री हमेशा कोई हिंदू ही होगा।’
ओवैसी ने महाराष्ट्र में क्या कहा था?
गौरतलब है कि ओवैसी ने महाराष्ट्र की रैली में पहले कहा था कि एक दिन ऐसा आएगा जब इस देश की प्रधानमंत्री कोई बुर्के वाली महिला बनेगी। संविधान में इसको लेकर कोई रोक-टोक नहीं है। इसी को लेकर बीजेपी के कई नेता ओवैसी को घेर चुके हैं।

