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PAK नेशनल सिक्योरिटी पॉलिसी:भारत के साथ 100 साल अमन के रिश्तों पर फोकस, कश्मीर मुद्दे की वजह से बंद नहीं होगा कारोबार

पाकिस्तान ने अपनी नेशनल सिक्योरिटी पॉलिसी तैयार की है। यह पूरी पॉलिसी तो सार्वजनिक नहीं की जाएगी, लेकिन इसका कुछ हिस्सा शुक्रवार को प्रधानमंत्री इमरान खान जारी करेंगे।

पाकिस्तान ने अपनी नेशनल सिक्योरिटी पॉलिसी तैयार की है। यह पूरी पॉलिसी तो सार्वजनिक नहीं की जाएगी, लेकिन इसका कुछ हिस्सा शुक्रवार को प्रधानमंत्री इमरान खान जारी करेंगे। इस पॉलिसी में कहा गया है कि भारत के साथ अमन बहाली की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा कश्मीर मुद्दे को दोनों देशों के बीच ट्रेड के रास्ते में रुकावट नहीं बनने दिया जाएगा। हालांकि, भारत में वर्तमान मोदी सरकार के रहते अमन बहाली हो पाएगी, इसको लेकर सवालिया निशान भी लगाए गए हैं।

100 पेज का पॉलिसी डॉक्यूमेंट पाकिस्तान की सिक्योरिटी पॉलिसी के बारे में रिपोर्ट वहीं के अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक- पॉलिसी में कहा गया है कि पाकिस्तान अपने करीबी पड़ोसियों से रिश्ते सुधारे बगैर विकास नहीं कर सकता। यही प्लान की सबसे अहम बात है। ये सही है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ा विवाद कश्मीर को लेकर है, लेकिन इसको हल किए बगैर भी पाकिस्तान अब भारत से कारोबार शुरू करने की कोशिश करेगा।

अवाम नहीं जान सकेगी रिपोर्ट रिपोर्ट के मुताबिक- पाकिस्तान सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि नेशनल सिक्योरिटी रिपोर्ट को पूरी तरह जनता के सामने नहीं रखा जाएगा। इसका बहुत छोटा हिस्सा ही पब्लिक किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें तीनों सेनाओं और एटमी हथियारों का भी जिक्र है। मेन फोकस ट्रेड और कमर्शियल रिलेशन और डेपलपमेंट पर ही है। भारत का खासतौर पर जिक्र है, क्योंकि वो भी एटमी ताकत है।

भारत के बारे में और क्या रिपोर्ट में एक अफसर के हवाले से कहा गया है- हम भारत से अगले 100 साल तक तनावपूर्ण संबंध नहीं रख सकते। इसलिए अमन बहाली सबसे जरूरी कदम है। इकोनॉमिक सिक्योरिटी के बगैर मुल्क की तरक्की नामुमकिन है और इसके लिए सबसे पहले पड़ोसियों से रिश्ते बेहतर करना जरूरी है। हालांकि, दुनिया की इकोनॉमी से जुड़ने के लिए पाकिस्तान अपनी सुरक्षा और सियासत को नजरअंदाज नहीं कर सकता। कश्मीर हमारे लिए अहम मुद्दा था और बना रहेगा, लेकिन इसकी वजह से दोनों मुल्कों के बीच कारोबार बंद नहीं होना चाहिए। हालांकि, भारत में मोदी सरकार के रहते यह मुश्किल है।

NSA ने क्या कहा था पाकिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर डॉक्टर मोईद यूसुफ ने पिछले दिनों जियो न्यूज को एक इंटरव्यू इस पॉलिसी पर अहम बातें कहीं थीं। यूसुफ ने कहा था- पाकिस्तान पर हमेशा अमेरिकी प्रभाव रहा है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता। जब तक हमारी इकोनॉमी नहीं सुधरेगी, तब तक हम एक देश के तौर पर मुश्किल में ही रहेंगे। पूरी रिपोर्ट जनता को नहीं बताई जा सकती। भारत से बातचीत फिलहाल मुमकिन नजर नहीं आती। खराब इकोनॉमी की वजह से हमारी सिक्योरिटी भी खतरे में पड़ गई है।

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