संसदीय समिति का Meta CEO मार्क जुकरबर्ग को नोटिस जैसा अल्टीमेटम, पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर 3 दिन में माफी की मांग

indianloveindia
4 Min Read
‘PM मोदी से माफी मांगें मार्क जुकरबर्ग, वरना..’, संसदीय पैनल का Meta CEO को अल्टीमेटम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 23 जुलाई का वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक से हटाए जाने के मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने Meta के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग से तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो Meta के खिलाफ कड़े कानूनी कदमों की सिफारिश की जा सकती है।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि प्रधानमंत्री का वीडियो हटाया जाना गंभीर मामला है। समिति के अनुसार, यदि इस प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो Meta को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा (सेफ हार्बर) पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है।

‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा हटाने की चेतावनी

समिति ने कहा कि यदि Meta निर्धारित समय में माफी नहीं मांगता और आवश्यक कार्रवाई नहीं करता, तो आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत उपलब्ध ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश की जा सकती है। ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया मंच पर प्रकाशित सामग्री के लिए कंपनी और उसके अधिकारियों की कानूनी जवाबदेही बढ़ सकती है।

समिति ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री पर भी सख्त रुख

संसदीय समिति ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि ऐसे प्लेटफॉर्म समय पर आपत्तिजनक सामग्री नहीं हटाते हैं, तो उनके विरुद्ध भी आईटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

Google India को लेकर भी सिफारिश

समिति ने हैदराबाद साइबर पुलिस द्वारा कथित धोखाधड़ी वाले मोबाइल ऐप्स के मामले में Google India के प्रमुख को सह-आरोपी बनाए जाने का उल्लेख करते हुए सरकार से इस मामले में भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

क्यों विवाद में आया था पीएम मोदी का वीडियो?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपना एक सेल्फी वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने Gen Z को संबोधित करते हुए पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया था। यह वीडियो पहले इंस्टाग्राम और बाद में फेसबुक पर पोस्ट किया गया था।

कुछ समय के लिए फेसबुक से वीडियो हट जाने के बाद मामला विवाद का विषय बन गया। बाद में Meta ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए खेद व्यक्त किया था। कंपनी ने सरकार को दिए अपने स्पष्टीकरण में कहा था कि एआई आधारित ऑटोमेटेड कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम की वजह से यह गलती हुई। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में वीआईपी और प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों की पोस्ट बिना वरिष्ठ स्तर की समीक्षा के नहीं हटाई जाएंगी।

हालांकि, संसदीय समिति ने Meta के इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना और मामले में जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *