बिज़नेस

यात्रियों के लिए रेलवे का सुपरहिट प्लान! ‘कवच’ से मिलेगी आपको सुरक्षा

सरकार ने कवच तकनीक के रूप में जबरदस्त प्लान तैयार किया है. कवच तकनीक से देश में आने वाले दिनों में दो हजार किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया जाएगा. यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से ये तकनीक काफी मददगार साबित हो सकती है.

 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट 2022 (Rail Budget 2022) पेश करते हुए रेलवे के लिए कई बड़ी घोषणाएं की. वित्त मंत्री ने कहा  कि अगले 3 साल में 400 नई वंदे भारत ट्रेन तैयार की जाएंगी. यानी अब कई शहरों से वंदे भारत ट्रेन गुजरेगी. इसके अलावा कवच तकनीक (Kawach technology) का ऐलान भी किया गया. इस कवच तकनीक से आने वाले दिनों में लोगों का रेल सफर बेहद सुरक्षित होगा.

जानिए क्या है कवच तकनीक

सरकार ने कवच तकनीक के रूप में जबरदस्त प्लान तैयार किया है. कवच तकनीक से देश में आने वाले दिनों में दो हजार किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया जाएगा. यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से ये तकनीक काफी मददगार साबित हो सकती है. गौरतलब है कि कवच तकनीक एक स्‍वदेशी तकनीक है जिसे अपने देश में तैयार किया गया है. इस तकनीक से रेल नेटवर्क को और भी ज्यादा बेहतर बनाया जाएगा.

ट्रेन की बढ़ेगी गति

इस कवच से ट्रेन की गति में सुधार आने के साथ-साथ दुर्घटनाओं पर भी कंट्रोल किया जा सकेगा. केंद्र सरकार ने साल 2017 में m-कवच ऐप को लॉन्‍च किया था. इससे यात्रियों को काफी सुरक्षा मिलेगी. बजट में रेल मंत्रालय को 140367.13 करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं जो पिछले वित्त वर्ष से 20,311 करोड़ रुपये अधिक है.

एक स्टेशन एक उत्पाद’ से यात्रियों को मिलेगी राहत 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 के अपने बजट भाषण में कहा कि भारत अगले तीन साल में 400 नई और ऊर्जा की दृष्टि से किफायती वंदे भारत रेलगाड़ियों का निर्माण करेगा. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि रेल क्षेत्र ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ भी विकसित करेगा, जिससे स्थानीय उत्पादों को रेलवे के जरिये ढुलाई का लाभ मिलेगा. उधर, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी बजट का स्वागत करते हुए कहा, ‘डाक और रेलवे के एकीकरण से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर लॉजिस्टिक समाधान मिलेगा.’

माल ढुलाई कॉरीडोर के लिए 15710.14 करोड़ का आवंटन

वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए समर्पित माल ढुलाई कॉरीडोर (डीएफसी) के लिए 15710.14 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. यानी इस बार रेलवे के पास मजबूत फंड होगा. परिचालन और रखरखाव के लिए रेलवे द्वारा इन परिसम्पत्तियों को मुद्रीकृत किया जाएगा. वित्त मंत्रालय ने पटरियों के नवीनीकरण के लिए 13335.47 करोड़, गेज परिवर्तन के लिए 2850 करोड़ और दोहरीकरण के लिए 12108 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. नई लाइन के लिए भी 25243 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं.  

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button