भीषण गर्मी के बीच कांशीरामनगर में घंटों बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से नाराज लोगों ने बिजलीघर का घेराव कर हंगामा किया। 33 केवी लाइन के केबल बक्से में खराबी और ओवरलोडिंग के कारण आपूर्ति बाधित रही। टाउनहॉल और दुर्गानगर समेत कई इलाकों में भी रातभर बिजली गुल रहने से पेयजल संकट गहरा गया। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली कटौती सेे कांशीरामनगर के लोगों का सब्र जवाब दे गया। शाम से शुरू हुई बिजली की आंखमिचौली रात तक जारी रही तो गुस्साए लोग घरों से निकलकर सीधे बिजलीघर पहुंच गए। रात करीब 11 बजे 60 से अधिक लोगों ने कांशीरामनगर बिजलीघर का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
लोगों का आरोप था कि इलाके में फॉल्ट और ओवरलोडिंग अब रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत में जुटा रहता है। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे 33 केवी लाइन के केबल बक्से में खराबी आने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
भीषण गर्मी में लोग घंटों पसीने से तरबतर रहे। रात करीब साढ़े आठ बजे सप्लाई बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। कुछ ही देर बाद फिर बिजली गुल हो गई। लगातार ट्रिपिंग और बार-बार फॉल्ट से परेशान लोगों का गुस्सा भड़क उठा। लोग जब बिजलीघर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि ओवरलोडिंग के कारण नया फॉल्ट हो गया है और उसे ठीक करने के लिए पर्याप्त लाइनमैन भी मौके पर मौजूद नहीं हैं।
यह सुनते ही लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने अधिकारियों से बात कर जल्द सप्लाई बहाल कराने का आश्वासन दिया। बिजली संकट केवल कांशीरामनगर तक सीमित नहीं रहा। टाउनहॉल क्षेत्र में बुधवार रात भर लोग अंधेरे में रहे, जबकि लाइनपार के दुर्गानगर में भी पूरी रात सप्लाई बाधित रही।
बिजली कटौती के कारण कई इलाकों में पेयजल संकट भी खड़ा हो गया। इनवर्टर जवाब दे गए और लोगों की रात जागकर कटी। अधिशासी अभियंता योगेश कुमार सिंह ने बताया कि 33 केवी लाइन का केबल बक्सा क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं 11 केवी के अधिशासी अभियंता विकासदीप के अनुसार फाॅल्ट ठीक होने के बाद सप्लाई शुरू की गई तो ओवरलोडिंग की समस्या सामने आ गई, जिससे बार-बार व्यवधान पैदा हुआ।
घंटों इंतजार और शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं मिला तो लोगों का गुस्सा स्वाभाविक था। विभाग को हर बार फॉल्ट और ओवरलोडिंग का बहाना छोड़कर बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। -ओमप्रकाश सिंह बिजली न होने से पूरी रात पानी की टंकियां नहीं भर सकीं। सुबह लोगों को पेयजल के लिए भी परेशान होना पड़ा। बिजली संकट अब केवल रोशनी का नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाओं का संकट बन गया है। – रामपाल सिंह

