खेल जगत

इंटरनेशनल दोहरे शतक के चूकने का जिम्मेदार कोच राहुल द्रविड़ को बता रहे हैं।

भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ रविंद्र जडेजा के नाबाद 175 रनों की बदौलत अपनी पहली पारी 8 विकेट खोते हुए 574 रन पर घोषित की।

भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ रविंद्र जडेजा के नाबाद 175 रनों की बदौलत अपनी पहली पारी 8 विकेट खोते हुए 574 रन पर घोषित की। विराट कोहली के 100वें टेस्ट के मौके पर विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत 96 रन बनाकर शतक से चूक गए, लेकिन जडेजा ने शतक जड़कर मोहाली टेस्ट को यादगार बना दिया है। भारतीय टीम अपने बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से मैच में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है, लेकिन इसके बावजूद फैंस रविंद्र जडेजा के पहले इंटरनेशनल दोहरे शतक के चूकने का जिम्मेदार कोच राहुल द्रविड़ को बता रहे हैं। फैंस ने बतौर कप्तान राहुल द्रविड़ के उस फैसले की यादें फिर से ताजा कर दी है, जब दिग्गज सचिन तेंदुलकर 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट में 194 रनों पर नाबाद थे और द्रविड़ ने पारी घोषित करने का ऐलान कर दिया था। एक बार फिर द्रविड़ ने वही फैसला किया, लेकिन इस बार बतौर कोच द्रविड़ ने भारत और श्रीलंका के बीच मोहाली में जारी टेस्ट मैच में जडेजा के 175 रनों पर नाबाद रहने के बावजूद पारी घोषित कर दी है। जिसके कारण फैंस आगबबूला हो गए हैं और कोच राहुल द्रविड़ को निशाने पर ले लिया है। सचिन के 2004 टेस्ट में नाबाद 194 रन पर लौटने पर राहुल द्रविड़ के फैसले की काफी आलोचना हुई थी और इस बार भी फैंस राहुल द्रविड़ के इस फैसले को गलत बता रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने कहा इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल खराब होता है। राहुल द्रविड़ के बतौर कप्तान 2004 में सचिन के दोहरे शतक से पहले पारी घोषित करने का फैसला कई लोगों के समझ में भले ही न आया हो लेकिन द्रविड़ अपने फैसले को सही बताते आए हैं। ये वही मैच है, जिसमें स्टार सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर का पहला तिहरा शतक जड़ा था। उन्होंने 375 गेंदों में 309 रन बनाए थे। भारत ने इस मैच में पहली पारी में 5 विकेट पर 675 रन बनाकर पारी घोषित की थी। जिसके बाद पाकिस्तान पहली पारी में 407 रन पर ही सिमट गया था और भारत ने फॉलोऑन देते हुए पाकिस्तान को दूसरी पारी में सिर्फ 216 रन पर ढेर कर दिया था। भारत ने ये मैच पारी और 52 रन से जीता था। मुल्तान टेस्ट की पहली पारी में सचिन के पास दोहरा शतक लगाने का सुनहरा मौका था, उन्हें सिर्फ 6 रन चाहिए थे, इस वजह से फैंस  को द्रविड़ का पारी घोषित करने का फैसला बिल्कुल भी सही नहीं लगा था। भारत और श्रीलंका के बीच 4 मार्च 2022 से शुरू हुए पहले टेस्ट मैच में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जडेजा काफी शानदार लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने 228 गेंदों में 17 चौके और 3 छक्के की बदौलत 175 रन बना लिए थे, जोकि उनके टेस्ट करियर का हाईएस्ट स्कोर भी है। जडेजा को अपना पहला दोहरा शतक पूरा करने के लिए सिर्फ 25 रन की दरकरार थी और फैंस के मुताबिक वह जैसा खेल रहे थे कुछ ही ओवरों में वह इसे हासिल कर लेते। लेकिन द्रविड़ ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ मिलकर पारी घोषित करने का फैसला किया। टेस्‍ट क्रिकेट में 7वें नंबर पर आकर जडेजा के 175 रन संयुक्‍त रूप से 7वां सबसे बड़ा स्‍कोर है। उन्‍होंने इंग्‍लैंड के रणजीतसिंहजी की बराबरी कर ली है, जिन्होंने 1897 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 7वें नंबर पर आकर 175 रन ही बनाए थे।

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