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जब छात्रों को निकालने के मसले पर प्रियंका चतुर्वेदी और पोलैंड के राजदूत के बीच हुई तू-तू-मैं-मैं

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज छठा दिन है. युद्ध में रूस की ओर से यूक्रेन पर मिसाइलों और गोलीबारी से प्रहार किया जा रहा है. भारतीयों को यूक्रेन से निकालने के लिए मोदी सरकार ने नया प्लान बनाया है.

यूक्रेन (Ukraine) में फंसे भारतीय नागरिकों और सभी छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए हो रही कोशिशों को लगातार कामयाबी मिल रही है. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खुद इस मामले में अपनी नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने इस काम में चार केंद्रीय मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सरकारी मशीनरी चौबीसों घंटे काम कर रही है ताकि वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें.’ इन कोशिशों के बीच शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने भारत सरकार के प्रयासों पर सवाल उठाए हैं.

ट्विटर पर तू-तू मैं-मैं

उन्होंने स्टूडेंट्स को यूक्रेन से सुरक्षित निकाले जाने की कोशिशों पर ट्वीट करके सवाल उठाए, जिस पर पोलैंड के राजदूत ने उन्हें जवाब भी दिए. यानी साफ है कि इस मामले को लेकर ट्विटर पर दोनों पक्षों के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई. ट्विटर पर छिड़ी जंग में शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को पोलैंड और लिथुआनिया के दूतावास और भारतीय विदेश मंत्रालय को टैग करते हुए एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा, ‘नमस्ते @IndiainPoland, बहुत से भारतीय स्टूडेंट्स को पोलैंड में घुसने से रोक दिया गया है. कुछ स्टूडेंट्स को, जिन्हें कल (रविवार को) अनुमति दी गई थी, उन्हें भी वापस भेज दिया गया है. इससे घर पर उनके माता-पिता डर गए हैं. ऑपरेशन गंगा (यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के अभियान) और भारतीय विदेश मंत्रालय से अनुरोध है कि वे इसमें दखल दें.’ इसके बाद भारत में पोलैंड के राजदूत एडम बुराकोव्स्की ने ​प्रियंका चतुर्वेदी के इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि उनका ये आरोप बिल्कुल भी सच नहीं है. कृपया फेक न्यूज न फैलाएं.

इस तरह बढ़ी बात

लेकिन बात यहीं थमी नहीं. देर रात करीब पौने 11 बजे प्रियंका चतुर्वेदी ने एक और ट्वीट किया. नए ट्वीट में उन्होंने एडम बुराकोव्स्की, भारत में पोलैंड और लिथुआनिया के दूतावास के साथ ऑपरेशन गंगा के ट्विटर हेल्पलाइन और भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची को भी टैग किया. इस ट्वीट में चतुर्वेदी ने लिखा, ‘सर, पूरे सम्मान के साथ कह रही हूं कि जो आप कह रहे हैं, स्टूडेंट्स वही बात नहीं कह रहे हैं. यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि आपने इस खबर को फेक न्यूज बताया है, लेकिन मुझे वहां फंसे हुए लोगों के नंबर और उनके नाम साझा करते हुए खुशी होगी. और मैं तारीफ़ करूंगी यदि फेक न्यूज का हल्ला करने से पहले खबर की तह तक जाने की जरूरी तहजीब दिखाई जाती. धन्यवाद!’ इस ट्वीट के जवाब में भारत में पोलैंड के राजदूत बुराकोव्स्की ने लिखा, ‘और प्लीज़ मैडम! मैं मदद के लिए हमेशा तैयार हूं. मैं अपना नंबर यहां शेयर नहीं कर सकता, लेकिन मुझे सीधा मैसेज भेजिए.’ उसके बाद प्रियंका चतुर्वेदी ने जवाब देते हुए एक और ​ट्वीट किया, ‘नहीं, मैं आपको सीधा मैसेज नहीं करूंगी.  

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