देशब्रेकिंग न्यूज़

13वें दिन जेल से रिहा हुईं नवनीत राणा, मेडिकल के लिए लीलावती अस्पताल पहुंचीं

राणा दंपती की ओर से बोरीवली कोर्ट में आज 50-50 हजार रुपये का बेल बॉन्ड जमा किया गया

महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा आज 13वें दिन जेल से बाहर आ गई हैं।  मुंबई की बोरीवली अदालत द्वारा रिहाई के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहा करने के बाद उन्हें मेडिकल के लिए लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में बीजेपी नेता किरीट सौमैया उनसे मिलने पहुंचे। इससे पहले राणा के वकील ने रिहाई के आदेश की एक प्रति मुंबई की भायखला जेल के बाहर रखी जमानत पेटी में डाल दी थी। बता दें कि नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को बुधवार को ही जमानत मिल गई थी, लेकिन अदालती प्रक्रिया पूरी नहीं होने की वजह से उन्हें जेल से रिहा नहीं किया जा सका था। सत्र न्यायालय ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी। 50 -50 हजार के निजी मुचलके पर राणा दंपती को बेल दी गई थी।

इन शर्तों पर मिली थी जमानत कोर्ट ने राणा दंपती को सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने कहा है कि राणा दंपती इस तरह का अपराध दोबारा नहीं करेंगे। इसके अलावा वे गवाह या सबूतों से भी छेड़छाड़ नहीं करेंगे। कोर्ट ने कहा है कि राणा दंपती इस मुद्दे पर न ही प्रेसवार्ता करेंगे और न ही मीडिया या सोशल मीडिया पर कोई बयान देंगे। अगर किसी भी शर्त का उल्लंघन होता पाया गया तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। 

पुलिस को देना होगा 24 घंटे पहले नोटिस इसके अलावा विशेष अदालत ने मुंबई पुलिस के लिए भी आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि पुलिस को राणा दंपती को पूछताछ के लिए बुलाने के लिए 24 घंटे पहले नोटिस देना होगा। इसके अलावा राणा दंपती को जांच में सहयोग के निर्देश दिए गए हैं।  23 अप्रैल को हुई थी गिरफ्तारी बता दें कि महाराष्ट्र के अमरावती से सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को 23 अप्रैल को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के विवाद में हुई थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। नवनीत कौर राणा के जाति प्रमाणपत्र को लेकर सुनवाई टली महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जुलाई तक के लिए टल गई। मामला उनके जाति प्रमाणपत्र से जुड़ा है। पिछले साल बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनका जाति प्रमाणपत्र खारिज किया था। अगर हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रहता है तो नवनीत कौर की संसद सदस्यता खतरे में पड़ जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button