स्वास्थ्य

जानें बच्चों को प्रभावित करने वाले 5 आम तरह के कैंसर के बारे में.

WHO के अनुसार निम्न और मध्यम आय वाले देशों में कैंसर से पीड़ित बच्चों के जीवित रहने की दर 30 प्रतिशत से भी कम है।

कैंसर एक बेरहम बीमारी है, जो किसी में भी फर्क नहीं करती और सभी लिग और उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जो अंग-विशिष्ट नहीं है और शरीर के किसी भी हिस्से को निशाना बना सकती है। इसकी वजह से हर साल दुनियाभर में लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, जो कैंसर के सबसे मासूम शिकार हो जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, निम्न और मध्यम आय वाले देशों में कैंसर से पीड़ित बच्चों के जीवित रहने की दर 30 प्रतिशत से भी कम है। इसके पीछे कई कारण हैं। जीवित रहने की दर को प्रभावित करने वाले कारणों में थैरेपी न मिलना, इलाज को बीच में छोड़ देना निदान में देरी और कुछ अन्य वजह शामिल हैं। हर साल 15 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय कैंसर दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस निर्दयी बीमारी के बारे में और इसके इलाज के बारे में जागरुक किया जा सके। बचपन में होने वाला कैंसर अत्यंत घातक होता है और दुर्भाग्य से कई तरह के हैं। आइए जानें सबसे आम तरह के कैंसर के बारे में, जिनकी वजह से मासूम बच्चों की जान चली जाती है। ल्यूकीमिया ल्यूकीमिया एक कैंसर है जो अस्थि मज्जा और रक्त को लक्षित करता है और बचपन के कैंसर के सबसे आम प्रकारों में से एक है। इस तरह के कैंसर में कई उप-प्रकार होते हैं, जैसे कि एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया (ALL) और एक्यूट मायलोइड ल्यूकीमिया (AML)। यह कैंसर तेज़ी से फैलता है, इसलिए इसका निदान और उपचार फौरन शुरू हो जाान चाहिए। न्यूरोब्लास्टोमा न्यूरोब्लास्टोमा बहुत ही प्रारंभिक अवस्था में विकसित होना शुरू हो जाता है। गर्भ के अंदर भ्रूण के विकास के चरण के रूप में यह रोग एक बच्चे को प्रभावित कर सकता है। हालांकि कैंसर शरीर में कहीं भी फैल सकता है, न्यूरोब्लास्टोमा आमतौर पर पेट में शुरू होता है। ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर यह बचपन के कैंसर का दूसरा सबसे आम रूप है और मस्तिष्क को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर मस्तिष्क के निचले हिस्से से शुरू होता है और बड़े क्षेत्र में बढ़ता है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सेरिबैलम शामिल है, जिसे ब्रेन स्टेम भी कहा जाता है।

रेटीनोब्लास्टोमा यह एक ऐसा कैंसर है जो आंखों को प्रभावित करता है। बचपन में होने वाले कैंसर में 2 प्रतिशत मामलों के लिए ज़िम्मेदार होता है। आमतौर पर, आंख के पीछे की रक्त वाहिकाएं सूज जाती हैं और लाल दिखने लगती हैं। हालांकि, पुतली सफेद या गुलाबी दिखती है। विल्म्स ट्यूमर आमतौर पर 3 से 5 साल की उम्र के बच्चों में पाया जाता है, विल्म्स ट्यूमर किसी एक गुर्दे को प्रभावित करता है, या बहुत ही दुर्लभ मामलों में, दोनों को। पेट में कैंसर एक छोटी सूजन या गांठ के रूप में दिखाई देता है।  
 

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