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यूक्रेन से जंग पड़ी भारी? अब रूस ने भारत के पड़ोसी देश से मांगी सैन्य मदद

यूक्रेन के खिलाफ जंग में रूस का काफी कुछ दांव पर लग चुका है. रूसी सेना पिछले 19 दिन से यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले कर रही है और इस युद्ध में दोनों ही देशों को नुकसान पहुंचा है

यूक्रेन के खिलाफ जंग में रूस का काफी कुछ दांव पर लग चुका है. रूसी सेना पिछले 19 दिन से यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले कर रही है और इस युद्ध में दोनों ही देशों को नुकसान पहुंचा है. लेकिन यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ना रूस को भारी पड़ रहा है. युद्ध में न सिर्फ उसके सैनिकों की मौत हुई है बल्कि बड़ा आर्थिक नुकसान भी पहुंचा है. अब रूस ने चीन के सामने मदद के लिए हाथ फैलाए हैं.

चीन को अमेरिका की चेतावनी

अमेरिका के एक सिक्योरिटी एडवाइजर ने कहा है कि रूस ने चीन से यूक्रेन पर हमले में इस्तेमाल करने के लिए हथियार मांगे हैं. रूस के इस कदम ने अमेरिका और चीन की सरकार के बीच रोम में बैठक से पहले तनाव बढ़ा दिया है. इस बातचीत से पहले व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने खुलेआम चीन को आगाह किया कि वह वैश्विक प्रतिबंधों से बचने के लिए रूस की मदद न करें.

इन वैश्विक प्रतिबंधों ने रूस की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि हम ऐसा होने नहीं देंगे. चीन का रूस को वित्तीय मदद की पेशकश करना राष्ट्रपति जो बाइडन की कई चिंताओं में से एक है. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में रूस ने चीन से सैन्य उपकरण समेत अन्य मदद मांगी है. 

बीजिंग पर झूठ फैलाने के आरोप

बाइडन प्रशासन ने चीन पर रूस को लेकर गलत सूचनाएं फैलाने का भी आरोप लगाया है जो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सेना के यूक्रेन पर कैमिकल अटैक करने के लिए एक बहाना हो सकती है. बाइडन प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि बीजिंग, रूस के इन गलत दावों का प्रचार कर रहा है कि यूक्रेन अमेरिका की मदद से कैमिकल वैपन की लैब चला रहा है.

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से चीन अपने दो सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के साथ नाजुक स्थिति में आ गया है. चीन को इन बाजारों तक पहुंच की जरूरत है लेकिन उसने मॉस्को के प्रति भी समर्थन दिखाया है. उसने कहा है कि रूस के साथ उसकी दोस्ती की कोई सीमा नहीं है.

अमेरिका के साथ होगी बैठक

चीन के विदेश नीति के वरिष्ठ सलाहकार यांग जिएची के साथ वार्ता में सुलिवान निश्चित तौर पर इस पर चर्चा करेंगे कि बीजिंग किन सीमाओं तक मॉस्को की मदद करेगा. वार्ता पर बयान देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने यूक्रेन का जिक्र किए बिना कहा ‘इस बैठक का मुख्य मुद्दा पिछले नवंबर में चीन और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्षों के वर्चुअल सम्मेलन में बनी अहम आम सहमति को लागू करना है.’

झाओ ने मंत्रालय की वेबसाइट पर रविवार देर रात पोस्ट किए बयान में कहा, ‘वे चीन-अमेरिका संबंधों और परस्पर हितों के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे.’ वहीं, व्हाइट हाउस ने कहा कि वार्ता क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर यूक्रेन-रूस युद्ध के असर पर फोकस रहेगी.

यूक्रेन से जंग पड़ी भारी?

यूक्रेन से जंग के बीच रूस का काफी आर्थिक नुकसान पहुंचा है. वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव ने कहा है कि यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के मद्देनजर देश के करीब 640 अरब डॉलर के सोने और विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग आधा हिस्सा फ्रीज कि गया है. अब रूस अपने कर्जदारों को रूबल का भुगतान करेगा. 

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