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यूक्रेन में मारा गया रूस का जासूस, मरने से पहले मां और पत्‍नी से कही ये ‘आखिरी बात’

रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद दोनों देशों के बीच जंग (russia ukraine war) लगातार चल रही है. रूसी सेना ने यूक्रेन के कई शहरों को तबाह कर दिया है.

रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद दोनों देशों के बीच जंग (russia ukraine war) लगातार चल रही है. रूसी सेना ने यूक्रेन के कई शहरों को तबाह कर दिया है. वह लगातार राजधानी कीव की तरफ बढ़ रही है. हालांकि, इस संघर्ष में रूस को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है. इस दौरान रूसी मिलिट्री 12 कमांडरों को जान गंवानी पड़ी है. इसमें रूस का एक जासूस भी शामिल (Russian spy killed) था, जो यूक्रेन में टॉप-सीक्रेट मिशन (russia secret operation) पर था. 

साइबेरिया के रहने वाले थे जासूस

‘द सन’ में छपी खबर के अनुसार, इस रूसी जासूस का नाम कैप्टन एलेक्सी ग्लुशचक है. 31 साल के ग्लुशचक साइबेरिया के ट्यूमेन के रहने वाले थे. वह जीआरयू मिलिट्री इंटेलिजेंस स्पाई में कैप्टन थे. ग्लुशचक मारियुपोलो में हुए संघर्ष के दौरान मारे (Russian spy killed) गए. हालांकि, उनके मौत के बारे में जानकारी अभी शेयर नहीं की गई है.

रूस ने नहीं किया अधिक खुलासा

एक बयान में कहा गया है कि सैन्य अभियान की सख्त गोपनीयता के कारण ट्यूमेन के रहने वाले इस हीरो की मौत की परिस्थितियों के बारे में खुलासा नहीं किया गया है. बता दें कि जीआरयू अपने पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रिपल को जहर देने में शामिल थी.

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दफनाया गया

रूस में ग्लूशचक के अंतिम संस्कार की तस्वीरें सामने आईं हैं, जहां उन्हें पूरे सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दफनाया गया. यह जानकारी सामने आई है कि जिस दिन सैन्य खुफिया अधिकारी ग्लुशचक की मौत हुई, उस दिन उसने रूस में अपनी पत्नी और मां दोनों से बात की थी.

मरने से पहले दी थी बधाई

बातचीत के दौरान ग्लुशचक ने दोनों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई थी दी. हालांकि, उसी दिन शाम को पता चला कि उन्हें मार दिया गया है. जासूस की मौत के साथ रूस में ताबूतों में लौट रहे सैनिकों की संख्या से लोगों में क्रोध और निराशा बढ़ रही है. 

मारे गए सैनिकों के बारे में नहीं दी जानकारी

मॉस्को ने युद्ध में मारे गए सैनिकों की कुल संख्या के बारे में खुलासा नहीं किया है, केवल कुछ गिने-चुने लोगों के नाम दिए हैं, जिनमें कई कमांडर शामिल हैं. विदेशी मीडिया के मुताबिक, रूस में किए जा रहे अंतिम संस्कारों में अधिकतर सैनिकों के लिए हैं.

शवों को पहुंचाने में लग रहा अधिक समय 

रूसी सेना को मारे गए सैनिकों के शवों को वापस रिश्तेदारों तक पहुंचाने में 2 सप्ताह या उससे अधिक का समय लग रहा है. इनमें से से कई परिवार युद्ध क्षेत्र से हजारों मील दूर रूस के सुदूर पूर्व में रहते हैं. यूक्रेन पर हमले से पहले रूस ने हजारों सैनिकों को ट्रांस-साइबेरियन रेलवे पर पश्चिम की तरफ भेजा था. 

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