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सम्भल के हल्लू सराय में नही मनाया जाता हरियाली तीज

लाखन सिंह की हत्या को याद करती है महिलाएं

संभल – देश में हरियाली तीज का त्योहार हर भारतीय पूरी शानो-शौकत के साथ मनाता है…..लेकिन सम्भल का एक मोहल्ला ऐसा है जहां पर इस दिन मातम के साथ गममीन माहौल में महिलाऐं एक साथ बैठकर पृथ्वीराज चौहान और लाखन सिंह की लड़ाई के बाद लाखन की हत्या की घटना को याद करती हैं……..और यहाँ तीज का त्योहार नही मनाया जाता है…….

 यह बात उस वक्त की है जब दिल्ली व सम्भल के राजा पृथ्वीराज चौहान का शासन था…. राजा पृथ्वीराज चौहान ने अपनी बेटी बेला की शादी महोबा के राजा पदमाल के बेटे ब्रहम्मा के साथ की थी…… इसके बाद बेला का गौना कराने ब्रहम्मा और कन्नौज के राजा लाखन सिंह सेना के सेनापति बनकर सम्भल आए…… बेला का गौना भी हो गया लेकिन महोबा जाने से पहले ही राजा पृथ्वीराज चौहान और राजा पदमाल में जंग शुरू हो गयी…..जिसमें पृथ्वीराज चौहान के सिपाहियों ने राजकुमार ब्रहम्मा की हत्या कर दी…… उसके बाद बेला ने सती होने का फैसला किया……. बेला के सती होने के लियें सम्भल के चन्दन बाग से लाखन सिंह चन्दन की लकड़ी लेने गया……इसकी भनक जैसे ही राजा पृथ्वीराज चौहान को लगी तो लाखन सिंह से लड़ाई शुरू हो गयी….. जिसमें हरियाली तीज के दिन राजा लाखन सिंह की हत्या कर दी गयी……जो मोहल्ला हल्लू सराय के नाम से जाना जाता है…..हल्लू सराय की महिलाऐं उसी परम्परा को मानते हुए हरियाली तीज के दिन न तो श्रृंगार करती हैं न घरों में खाना बनाया जाता है….यहां के लोगों का ऐसा मानना है कि अगर कोई भी तीज का त्योहार मनाता है तो उसके साथ अप्रिय घटना घटित होती है…….

बाईट- प्रीती

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