राजनीति

कांग्रेस में ‘बाबा ब्रिगेड’ के अधिकतर नेता पार्टियों की अदला-बदली करनी शुरू कर दी है

. इस बार कांग्रेस (Congress) का हाल देखते हुए ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस पलायन को रोकने में सक्षम नहीं है. कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी छोड़कर भाजपा (BJP) में शामिल होने का फैसला किया है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन. सिंह (RPN Singh) के भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) में शामिल होने के बाद ‘बाबा ब्रिगेड’ (Baba Brigade) कहे जाने वाले लगभग सभी नेता भगवा पार्टी में चले गए हैं, सिवाय कुछ के,जो अभी भी कांग्रेस में हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन. सिंह (RPN Singh) के भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) में शामिल होने के बाद ‘बाबा ब्रिगेड’ (Baba Brigade) कहे जाने वाले लगभग सभी नेता भगवा पार्टी में चले गए हैं, सिवाय कुछ के,जो अभी भी कांग्रेस में हैं. राहुल गंधी के करीबियों ने कांग्रेस को छोड़ा कभी राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia), जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) और आरपीएन. सिंह ने पार्टी छोड़ दी है. पार्टी में सिर्फ मिलिंद देवड़ा (Milind Deora) और सचिन पायलट (Sachin Pilot) ही ऐसे नेता बचे हैं जो राहुल के करीबी हैं. हालांकि एक और नेता दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda) भी पार्टी में बने हुए हैं लेकिन वे यूपीए सरकार में मंत्री नहीं थे. आरपीएन. सिंह (RPN Singh) गांधी परिवार के करीबी होने के साथ-साथ कांग्रेस की विरासत के एक धारक भी थे क्योंकि उनके पिता एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता थे. राहुल गंधी के करीबियों ने कांग्रेस को छोड़ा कभी राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia), जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) और आरपीएन. सिंह ने पार्टी छोड़ दी है. पार्टी में सिर्फ मिलिंद देवड़ा (Milind Deora) और सचिन पायलट (Sachin Pilot) ही ऐसे नेता बचे हैं जो राहुल के करीबी हैं. हालांकि एक और नेता दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda) भी पार्टी में बने हुए हैं लेकिन वे यूपीए सरकार में मंत्री नहीं थे. आरपीएन. सिंह (RPN Singh) गांधी परिवार के करीबी होने के साथ-साथ कांग्रेस की विरासत के एक धारक भी थे क्योंकि उनके पिता एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता थे.

पलायन रोकने में सक्षम नहीं कांग्रेस

आपको बता दें कि सिंह सांसद और विधायक (MP And MLA) रहने के अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Union Minister Of State For Home) भी रह चुके हैं. सीडब्ल्यूसी सदस्य (CWC Member) होने के अलावा उन्हें झारखंड में पार्टी के मामलों को देखने का महत्वपूर्ण कार्य दिया गया था. पार्टी के नेता कह रहे हैं कि आरपीएन. सिंह के पास वह सब कुछ था जो कांग्रेस उन्हें दे सकती थी. यह उनकी विरासत और पार्टी के समर्थन का कारण है. लेकिन कांग्रेस पलायन को रोकने में सक्षम नहीं है. प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने अपने हालिया साक्षात्कारों में कहा है कि पार्टी किसी को नहीं रोक रही है और न ही शीर्ष नेतृत्व द्वारा कोई प्रयास किया जा रहा है क्योंकि यहां केवल वैचारिक लड़ाई (Ideological Battle) है.

जूनियर सिंधिया भी केंद्र सरकार का हिस्सा

इससे पहले जितिन प्रसाद ने पार्टी छोड़ दी थी और अब वे उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं. बता दें कि वह जितेंद्र प्रसाद के बेटे हैं जो कभी पार्टी के वरिष्ठ नेता थे. सिंधिया जूनियर ने भी पार्टी छोड़ दी थी और अब वे केंद्र सरकार का हिस्सा हैं. बीजेपी (BJP) में शामिल होने के बाद आर.पी.एन. सिंह ने कहा कि 32 साल तक मैं एक पार्टी में ईमानदारी और लगन से रहा. मगर जिस पार्टी में इतने साल रहा (Congress) अब वो पार्टी नहीं रह गई है. कई लोगों ने मुझे लंबे समय तक बीजेपी में शामिल होने के लिए कहा लेकिन इस पर मैं केवल देर आए दुरुस्त आए ही कह सकता हूं.

आर.पी.एन. सिंह का ट्वीट

आर.पी.एन. सिंह ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के राष्ट्र निर्माण (Nation Building) के सपने को पूरा करने की दिशा में कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा.’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए भाजपा सरकार ने जिस तरह से कड़ी मेहनत की है वह काबिले तारीफ है. सिंह ने कहा, ‘मैं उत्तर प्रदेश और देश के विकास के लिए एक छोटी पार्टी कार्यकर्ता के रूप में जो कुछ भी मुझे सौंपा गया है वह सब कुछ करूंगा.’ आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल होने से पहले सिंह ने ट्वीट (Tweet) किया, ‘यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है और मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (BJP President JP Nadda) और माननीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान के लिए तत्पर हूं  

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