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70 वर्षो से सम्भल की सेवइयां मंडल में दे रही ज़ायका

रमज़ान माह में यू तो बहुत सी चीज़े सहरी व अफतार में खानपान में ली जाती है। लेकिन सेवाईयों का भी खासा महत्व है

रमज़ान माह में यू तो बहुत सी चीज़े सहरी व अफतार में खानपान में ली जाती है। लेकिन सेवाईयों का भी खासा महत्व है। मुंह का स्वाद देने के साथ ही सेवाईयां पेट को तर व ताज़ा रखती है। रमजान के मौके पर बाजार में अब सेवईयों की दुकाने सजने लगी है।

 आज हम आपको सम्भल में बनने वाली सेवइयों के बारे में बताते हैं। सम्भल की सेवइयां सम्भल में तैयार होकर मुरादाबाद मंडल के हर हिस्से में सप्लाई की जाती है। मंडल के लोगों को सम्भल की सेवइयां खूब भाती हैं।

इसीलिए लगभग 70 वर्षों से निरंतर सम्भल में सेवइयां बनाने का काम जारी है। पहले सेवइयों को मशीन द्वारा निकाला जाता है, उसके बाद धूप में सुखाने के लिए डाल दिया जाता है, फिर पैकिंग कर के मंडल के हर हिस्से में सप्लाई किया जाता है।

स्पेशल डायमंड गोल्ड सेवइयों के ऑनर शान वारिस बताते है कि पहले के मुकाबले अब मैदा, डीज़ल व बिजली सभी पर दाम बढ़ चुके है इसलिए पहले सेवइयां 30 रुपये किलो बिकती थी मगर अब सेवइयां 40 रुपये किलो बिक रही है। हम सेवइयां बनाने का काम लगभग 70 वर्षो से कर रहे है। हम अपने दादा परदादा का काम ही आगे बढ़ा रहे है।

 

बाइट – शान वारिस, ऑनर, स्पेशल डायमंड सेवइयां

 

रिपोर्टर – उवैस दानिश

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