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पूर्व मिस यूक्रेन ने दुनिया से मांगी मदद, 7 साल के बेटे के साथ शेयर किया दर्द

रूसी हमले (Russian Attack) से बचने के लिए यूक्रेन (Ukraine) से लोगों का पलायन जारी है. बड़ी संख्या में अब तक लोग यूक्रेन छोड़कर जा चुके हैं.

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रूसी हमले (Russian Attack) से बचने के लिए यूक्रेन (Ukraine) से लोगों का पलायन जारी है. बड़ी संख्या में अब तक लोग यूक्रेन छोड़कर जा चुके हैं. पूर्व मिस यूक्रेन वेरोनिका डिडुसेन्को (Veronika Didusenko) भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें अपना मुल्क छोड़ने को मजबूर होना पड़ा. वेरोनिका इस वक्त अमेरिका (America) में हैं और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए दूसरे देशों से मदद की अपील की है.

पैदल ही बॉर्डर के लिए निकल पड़े

मिस यूक्रेन 2018 वेरोनिका डिडुसेन्को (Veronika Didusenko) ने बताया कि वे और उनका 7 साल का बेटा हमले के पहले दिन एयर रेड सायरन और धमाकों की आवाज से जागे. इसके बाद उन्होंने तुरंत घर खाली क‍िया और हजारों दूसरे लोगों के साथ पैदल ही बॉर्डर के लिए निकल पड़े. उन्होंने कहा, ‘यूक्रेन की सीमा तक का सफर हमने पैदल ही पूरा किया. कोई जगह नहीं थी जहां सायरन, रॉकेट या बमबारी की आवाज नहीं सुनाई दे रही थी. वो बेहद खौफनाक मंजर था’.  

बेटे को जिनेवा छोड़कर पहुंची US

कीव से निकलने के बाद वेरोनिका अपने बेटे के साथ मोल्डोवा तक पहुंचीं, फिर वहां से स्व‍िट्जरलैंड स्थ‍ित जिनेवा. बेटे को जिनेवा में छोड़ वेरोनिका वीमेन्स राइट्स एटॉर्नी Gloria Allred के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए अमेर‍िका आईं. Veronika ने बताया कि उन्होंने बेटे को जेनेवा में छोड़कर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाम‍िल होने का पीड़ादायक फैसला लिया. क्योंकि उन्होंने विश्व मह‍िला दिवस पर दुन‍िया के सामने अपनी मातृभूम‍ि के मौजूदा हालातों को बताना जरूरी समझा. 

शेल्टर में बच्चों को जन्म देने की मजबूरी

उन्होंने कहा कि इस वक्त, हजारों यूक्रेन‍ियन बच्चे और उनकी माताएं सबवे स्टेशंस और बॉम्ब शेल्टर्स में दहशत में हैं. इससे भी ज्यादा बुरा बॉम्ब शेल्टर्स में बच्चे को जन्म देतीं महिलाओं को देखकर होता है. वेरोनिका ने बताया कि उन्होंने बेटे के अमेर‍िका आने के लिए वीजा का आवेदन दिया था, लेक‍िन वो रिजेक्ट हो गया. अब वे इस वीकेंड वापस जेनेवा जाकर बेटे से मिलेंगी. 

‘लड़ने की हिम्मत पर मदद चाहिए’

Veronica ने कहा कि यूक्रेन‍ का हर शख्स अपने देश की हिफाजत करने के लिए दृढ़ निश्चयी है पर उन्हें दूसरे देशों से मदद चाह‍िए. वे कहती हैं- ‘यूक्रेन‍ियंस के पास अपने देश को बचाने की हिम्मत है, पर लगातार हो रहे हमले को रोकने के लिए उन्हें हथ‍ियार चाह‍िए. हम अपनी और आपकी आजादी के लिए लड़ेंगे’. वहीं Allred ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका वीजा नीत‍ि में छूट देगा, ताक‍ि ज्यादा से ज्यादा यूक्रेन‍ियंस यहां आ सकें.

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