स्वास्थ्य

सुबह उठने के बाद बिस्तर पर भी कर सकते हैं ये 3 योगासन

Yoga Session With Savita Yadav: रोज योग (Yoga) करने से सेहत (Health) को फायदा मिलता है. आज योग प्रशिक्षिका सविता यादव ने न्यूज़18 के फेसबुक लाइव योगा सेशन में कई सूक्ष्म आसन सिखाए

नियमित तौर पर योग (Yoga) करने से सेहत (Health) को फायदा मिलता है. ये शरीर की क्षमता (Strength) और लचीलापन (Flexibility) भी बढ़ाता है. साथ ही तनाव से भी मुक्त करता है. आज योग प्रशिक्षिका सविता यादव (Savita Yadav) ने न्यूज़18 के लाइव योगा सेशन में कुछ आसनों के जरिए खुद की सेहत का ख्याल रखना सिखाया. जिन्हें नियमित तौर पर करने से कई रोगों को दूर भगाया जा सकता है. आइए, सविता यादव (Savita Yadav) से जानते हैं कि कौनसे सूक्ष्म अभ्यास आप कर सकते हैं. साथ ही जानिए कि सुबह उठने के बाद आप बिस्तर पर ही किन योगासनों को कर सकते हैं. सबसे पहले भुजंगासन (Bhujangasana) और शशकासन (Shashakasana) का अभ्यास करें. इसके बाद मार्जरी आसन (Marjari asana) करने का तरीका सीखें. भुजंगासन भुजंगासन को कोबरा आसन, सर्प मुद्रा या सर्पासन भी कहा जाता है. इस आसन को करने क लिए योगा मैट पर पेट के बल लेटकर, इसके बाद पीठ को मोड़कर किया जाता है. इस आसन में सिर सांप के उठे हुए फन की तरह रहता है. भुजंगासन को करने से रीढ़ की हड्डी में मजबूती और लचीलापन आता है. पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज्म सुधरता है. शशकासन आपको बता दें कि शशक का मतलब खरगोश होता है यानी शशकासन में खरगोश की तरह बैठना होता है. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं. अपने दोनों हाथों को श्वास भरते हुए ऊपर उठाएं. कंधों को अपने कानों से सटाएं. अब सामने की ओर झुकते हुए दोनों हाथों को आगे समान दूरी पर ले जाएं. अब श्वास छोड़ते हुए हथेलियां को जमीन पर टिकाए. माथे को भी जमीन से टच करें. इस आसन से पेट, कमर व कूल्हों की चर्बी कम होती है. देखें, वीडियो मार्जरी आसन मार्जरी आसन को कैट पोज़ (Cat pose) भी कहा जाता है. इस आसन से रीढ़ मजबूत होती है. इस आसन में आगे की ओर झुका जाता है और पीछे की और मुड़ा जाता है. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों को टिका कर बैठ जाएं. अब अपने हाथों को जमीन पर आगे की ओर रखें. हाथों पर थोड़ा भार डालते हुए अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं. अब अपनी जांघों को इस मुद्रा में सीधा और घुटनों को जमीन से टच होने हें. अब लंबी सांस लें और सिर को पीछे की ओर झुकाएं, नाभि को नीचे से ऊपर की तरफ ले जाएं. अब सांस छोड़ते हुए सिर को नीचे की ओर झुकाएं और चिन को अपनी चेस्ट से लगाने की कोशिश करें. ध्यान रहे कि योगाभ्यास अपनी क्षमता अनुसार ही करना है. इस दौरान श्वास-प्रश्वास और व्यायाम से जुड़े विशेष नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है. इसी के साथ सही मात्रा में सही पोषण लेना भी आवश्यक है. आप सूक्ष्म व्यायाम के जरिए ही आसानी से अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं. साथ ही बड़े आसनों के लिए अपने शरीर को तैयार भी कर सकते हैं.  

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