हमीरपुर

हमीरपुर में बेशकीमती चंदन के पेड़ों पर लगी तस्करों की नज़र

हमीरपुर में यमुना नदी किनारे गुप्तकालीन संगमहेश्वर मंदिर की जमीन में लगे चंदन के पेड़ों पर तस्करों की नज़र टेढ़ी हो गई है जिसपर एक बार फिर तस्करों ने चंदन के पेड़ो पर कुल्हाड़ी चला कर उन्हें ले जाने के लिए असफल प्रयास किया है

हमीरपुर में यमुना नदी किनारे गुप्तकालीन संगमहेश्वर मंदिर की जमीन में लगे चंदन के पेड़ों पर तस्करों की नज़र टेढ़ी हो गई है जिसपर एक बार फिर तस्करों ने चंदन के पेड़ो पर कुल्हाड़ी चला कर उन्हें ले जाने के लिए असफल प्रयास किया है हालांकि इसके पूर्व में भी कई बार तस्करों द्वारा पेड़ काटे जा चुके हैं जिसका पुलिस आज तक पता नही लगा सकी। फिलहाल चंदन के काटे गए पेड़ ले जाने में तस्कर सफल नही हो सके। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। घटना की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला है उत्तर प्रदेश के हमीरपुर शहर से करीब चार किमी दूर मेरापुर गांव का जहां पर यमुना नदी किनारे संगमहेश्वर मंदिर स्थित है। यह मंदिर हजारों साल पुराना है। इस मंदिर की जमीन में ही चंदन के पेड़ है। किसी जमाने में यहां दर्जनों चंदन के पेड़ थे लेकिन हर साल चंदन की लकड़ी के तस्कर यहां इन पेड़ों को निशाना बना रहे है।कई बार पेड़ो पर कुल्हाड़ी चला धरासाई भी कर दिए मगर उन्हें ले जाने में सफल नही हो पाए इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश गहरा गया है। इस मंदिर से चंदन के पेड़ काटने की छठी घटना है इसके पूर्व मार्च 22 में भी तस्करों ने 11 चंदन के पेड़ काटे थे मगर पुलिस का मूमेंट होने के कारण कटे पेड़ छोड़कर अज्ञात लोग भाग गए थे जिस पर मंदिर के महंत भरत दास ने घटना की तहरीर सदर कोतवाली में दे दी थी और अब फिर एक बार अज्ञात लोगों द्वारा पेड़ काटने की घटना को अंजाम दिया गया मगर पेड़ काटने की आवाज सुनकर दुकानदार ने शोर मचाया तो आवाज सुनकर चंदन तस्कर मौके से फरार हो गए।घटना की जानकारी होते ही गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे और बेशकीमती पेड़ों के काटे जाने पर नाराजगी जताते हुए पुलिस को सूचना दी गई घटना की सूचना पाते ही कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मगर इस बार भी पुलिस के हाथ खाली हैं। रिपोर्ट- आदित्य त्रिपाठी      

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