स्वास्थ्य

हाथों में रहता है दर्द तो हो सकती है ये बीमारी, बचाव के लिए करें ये व्यायाम

धीरे धीरे कलाइयों को आगे-पीछे, ऊपर- नीचे और दाएं-बाएं करें। शुरुआत में 5-5 बार के सैट करें फिर धीरे धीरे बढ़ाएं।

कोरोना के कारण वर्चुअल वर्ल्ड से सभी की निकटता बढ़ गई है। यह जरूरी भी हो गया है। क्योंकि बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस से लेकर बड़ों के दफ्तर की ऑनलाइल मीटिंग्स तक सबकुछ अब इंटरनेट के माध्यम से हो रहा है। इसके बाद बचा हुआ समय इंटरनेट पर मनोरंजक कार्यक्रम देखने में बीत रहा है। यहाँ तक तो सब ठीक था लेकिन वर्क फ्रॉम होम की वजह से अब लैपटॉप जैसे गैजेट्स पर बीतने वाले समय की अवधि बढ़ती ही जा रही है। अब अति है तो नुकसान भी हैं। देर तक एक जैसी स्थिति में लैपटॉप या कम्प्यूटर पर काम करने वालों में कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी स्थितियां बढ़ रही हैं। हालांकि ज्यादातर जगह अब दफ्तर और स्कूल आदि खुलने लगे हैं लेकिन लंबे समय से उक्त गैजेट्स पर काम करने की आदत ने परेशानी तो खड़ी की है। इसके अलावा घर के काम भी बढ़ गए हैं।  क्या है कार्पल टनल सिंड्रोम  कार्पल टनल सिंड्रोम वह स्थिति है जब कलाई की मीडियम नर्व (नस) पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ने लगता है। इस दबाव की वजह से कलाई और हाथों में सुन्न होने का एहसास, झुनझुनी और असहज कर देने वाली कमजोरी होने लगती है। यह समस्या महिलाओं में, हाथों से ज्यादा काम करने वालों या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या से ग्रसित लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है। लेकिन कम्प्यूटर और लैपटॉप पर काम करने वालों में भी इसका प्रतिशत बढ़ने लगा है। समय पर ध्यान न देने से इस समस्या की सर्जरी करवाने की भी स्थिति बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते ही इसे नियंत्रित करने की कोशिश की जाए।
एक्सरसाइज से मिलेगा आराम: कार्पल टनल सिंड्रोम के माइल्ड केसेस में एक्सरसाइज बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बशर्ते आप सही सलाह से, समय पर इसे शुरू कर दें। डॉक्टर इसके साथ कई बार अपने काम की आदतों में थोड़ा बदलाव लाने या रिस्ट स्प्लिनट्स पहनने की सलाह भी दे सकते हैं। यदि एक्सरसाइज करते समय है इसके तुरन्त बाद कोई विशेष दर्द आपको महसूस हो तो तुरन्त एक्सरसाइज रोक दें और अपने डॉक्टर से सलाह लें। इस समस्या से जुड़ी सामान्य एक्सरसाइज में शामिल हैं- -धीरे धीरे कलाइयों को आगे-पीछे, ऊपर- नीचे और दाएं-बाएं करें। शुरुआत में 5-5 बार के सैट करें फिर धीरे धीरे बढ़ाएं। -अपनी उंगलियों को एकदम पूरी क्षमता से स्ट्रेच करें फिर उन्हें रिलैक्स करें। इस क्रिया को कम से कम 4 बार दोहराएं।
इसी तरह एक हाथ का उपयोग करते हुए दूसरे हाथ पर हल्का सा दबाव डालकर अंगूठे पर भी हल्का सा प्रेशर डालते हुए उसे आगे और पीछे की ओर दबाएं। यह प्रक्रिया भी 4 बार करें। -अपने दोनों हाथों को प्रार्थना के लिए जोड़ते हुए उन्हें पहले कमर से नीचे ले जाएं। वहां 30 सेकेंड्स तक रोकें। इसे 2- 4 बार दोहराएं। -काम के बीच बीच में मुट्ठी बनाएं और खोलें। इसके लिए आप एक सॉफ्ट बॉल की मदद भी ले सकते हैं। मुट्ठी खोलते समय उंगलियों को जितना हो सके स्ट्रेच करें।
-दोनों हाथों को सीधा लम्बा रखते हुए हथेलियों को नीचे झुकाएं और फिर ऊपर उठाएं। कम से कम 8-10 बार यह प्रक्रिया दोहराएं। -यह हमेशा याद रखें कि अंगूठे या हाथ पर दबाव देते समय ज्यादा प्रेशर न लगाएं। इससे नाजुक मसल्स को नुकसान पहुंच सकता है। ये या ऐसी अन्य एक्सरसाइज आप सामान्यतः भी कर सकते हैं। इससे आपके हाथों की मसल्स मजबूत होंगी और लंबे समय तक अच्छे तरीके से काम कर पाएंगे। एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग शुरू करने से पहले 10-15 मिनट के लिए गर्म सेक भी आप सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button