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पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत मिल रहे हैं 10 लाख रुपये!

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्‍कीम अन्य बातों के साथ-साथ इन बच्चों को समग्र दृष्टिकोण, शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए अंतर वित्तपोषण, 18 वर्ष की आयु से मासिक वजीफा और 23 वर्ष की आयु होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि उपलब्‍ध कराती है.

PM Cares for Children: कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान कई बच्चे अपने पैरेंट्स को खो चुके हैं. ऐसे बच्चों की मदद के लिए सरकार ने ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम’ लॉन्च किया है. पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्‍कीम अन्य बातों के साथ-साथ इन बच्चों को समग्र दृष्टिकोण, शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए अंतर वित्तपोषण, 18 वर्ष की आयु से मासिक वजीफा और 23 वर्ष की आयु होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि उपलब्‍ध कराती है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने इस खास स्‍कीम (PM Cares Scheme) की डेडलाइन को 28 फरवरी, 2022 तक बढ़ा दिया है. पहले यह योजना 31 दिसम्‍बर, 2021 तक वैध थी. इस संबंध में सभी राज्यों और केन्‍द्र (Government of India) शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों को इस संबंध में आदेश जारी किया है.

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम

योजना के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों की गैर-संस्थागत देखभाल के लिए प्रति बच्चा प्रति माह 2,000 रुपये का प्रावधान है. वहीं, चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन में रहने वाले बच्चों के लिए प्रति बच्चा प्रति माह 2,160 रुपये के रखरखाव अनुदान का प्रावधान है. इस योजना के तहत 10 साल से कम उम्र के अनाथ बच्चों को उनके नजदीकी केंद्रीय विद्यालय (Government School) में दाखिला दिलाया जाता है. प्राइवेट स्कूल में एडमिशन (School Admission) होने पर उनकी फीस पीएम केयर्स फंड से केंद्र सरकार जमा करती है. बच्चों की किताबें, स्कूल ड्रेस आदि का खर्च भी केंद्र सरकार उठाती है. वहीं, 11 साल से अधिक उम्र के बच्चों का दाखिला सैनिक स्कूल और नवोदय विद्यालय में कराया जाता है. सभी अनाथ बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा. 18 साल की उम्र तक उसका प्रीमियम केंद्र सरकार भरेगी.  

अभी तक 3855 लोगों ने किए आवेदन

महिला और बाल विकास मंत्रालय के दिए गए आंकड़े के अनुसार, केंद्र सरकार को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन के लिए अब तक 3855 आवेदनों को मंजूरी मिली है. इनमें से विभिन्न राज्यों के जिला अधिकारियों ने 667 आवेदनों को अप्रूव कर दिया है. बाकी के ऐप्लिकेशन की स्क्रूटनी अभी प्रोसेस में है.  

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