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अक्सर बनी रहती है तनाव-चिंता? सावधान, आपमें हृदय रोगों का हो सकता है जोखिम

भले ही हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता है

आहार में गड़बड़ी और शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख कारण के तौर पर माना जाता रहा है, दुनियाभर में बढ़ते इस जानलेवा समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करने और इससे बचाव के उपायों के बारे में समझाने के लिए हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।

तनाव और हृदय रोगों का संबंध

 तनाव की लगातार बनी रहने वाली स्थिति हृदय पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। तनाव के कारण शरीर में इंफ्लामेशन बढ़ जाता है, जिसे हृदय रोगों के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। इसके अलावा क्रोनिक स्ट्रेस यानी की लंबे समय से बने रहने वाली तनाव की स्थिति आपकी नींद को भी प्रभावित करती है। रात में नींद पूरी न कर पाने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में हृदय रोगों का खतरा अधिक होता है। तनाव की स्थिति हाइपरटेंशन का भी कारण बन सकती है
स्वस्थ आहार का सेवन बहुत आवश्यक स्वस्थ और पौष्टिक आहार के सेवन की आदत तनाव-हृदय रोग दोनों के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों और एडेड शुगर का अधिक सेवन करने वाले लोगों में इस तरह की समस्याओं का जोखिम अधिक पाया जाता है।

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