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पीर पंजाल नहीं अब T-49 होगी देश की सबसे लंबी रेलवे टनल

कटरा-बनिहाल खंड निचले हिमालय के पहाड़ी इलाकों से जाता है. जिसमें कई बड़े पुल विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं.

उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने देश की सबसे लंबी टनल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना (USBRL) की खुदाई का काम पूरा कर लिया है. रेलमंत्री अश्विनी कुमार ने सोमवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि इस प्रोजेक्ट में बनी 12.758 Km लंबी रेल टनल देश में परिवहन के किसी भी माध्यम की तुलना में सर्वाधिक लंबी सुरंग है.

मील का पत्थर

अश्विनी कुमार ने आगे बताया कि कटरा-बनिहाल सेक्शन पर सुंबर और अर्पिचला स्टेशन के बीच टनल T49 के ब्रेक-थ्रू को क्रियान्वित करके एक प्रमुख मील का पत्थर हासिल किया गया है. उन्होंने टनल खुदाई का काम पूरा करने वाली टीम और वहां की तस्वीरों को भी साझा किया. आपको बता दें कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना की 272 किलोमीटर लंबाई में से 161 किलोमीटर पहले ही चालू और चालू हो चुकी है.

देश की सबसे लंबी सुरंग

कटरा बनिहाल के बीच 111 किमी के बीच के खंड का कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है. कटरा-बनिहाल खंड निचले हिमालय के पहाड़ी इलाकों से होकर गुजर रहा है, जिसमें भूविज्ञान एक बड़ी चुनौती है. इसमें कई बड़े पुल और बहुत लंबी सुरंगें हैं, जो विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं. गौरतलब है कि सुरंग की लाइन और लेयर को ब्रेक-थ्रू में सटीक रूप से प्राप्त किया जाता है. टी-49 सुरंग 12.758 किमी लंबी लंबाई की एक सुरंग है और यह बनिहाल-काजीगुंड खंड पर यूएसबीआरएल द्वारा निर्मित 11.2 किमी लंबाई की पीर पंजाल सुरंग को पीछे छोड़ते हुए भारतीय रेलवे की सबसे लंबी सुरंग होने जा रही है.

टनल में दो ट्यूब और क्रॉस सेक्शन प्रोफाइल घोड़े के जूते जैसी

टनल T-49 का दक्षिण पोर्टल (SP) जिला मुख्यालय से 45 किमी की दूरी पर सुरम्य सुंबर गांव में स्थित है. 1400 मीटर की ऊंचाई पर (जम्मू और कश्मीर) का रामबन में है, जबकि सुरंग का उत्तरी पोर्टल (NP) महू-मंगत घाटी में अर्पिचला गांव तहसील खारी, जिला रामबन के पास लगभग 1600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. टी-49 टनल में दो ट्यूब हैं, यानी एक मेन टनल है और दूसरी एस्केप टनल है. सुरंग का निर्माण एनेटीएम (यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) द्वारा किया गया है, जो ड्रिल और ब्लास्ट विधि की एक आधुनिक तकनीक है. सुरंग का क्रॉस सेक्शन प्रोफाइल संशोधित घोड़े के जूते के आकार का है. इस सुरंग की लंबाई बहुत लंबी है. निर्माण को सुगम बनाने के लिए उरनिहाल अदित, हिंगनी अदित और कुंदन अदित नाम से तीन एडिट का भी निर्माण किया गया है. सुरंग में 80 में एक सत्तारूढ़ ढाल है और 100 किमी प्रति घंटे की गति की डिजाइन की गई है. अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार, मुख्य सुरंग के समानांतर बनाई जा रही एस्केप टनल को बचाव और बहाली कार्य की सुविधा के लिए 375 मीटर के अंतराल पर क्रॉस पैसेज से जोड़ा जाता है.  

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