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सुप्रिया सुले, अमर पटनायक के भी नाम, 26 फरवरी को अवॉर्ड से नवाजे जाएंगे

संसद रत्न पुरस्कार समारोह का 12वां संस्करण 26 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

प्राइम पाइंट फाउंडेशन ने मंगलवार को बताया कि संसद की वित्त, कृषि, शिक्षा व श्रम मंत्रालय की चार समितियों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। 11 सांसदों में से आठ लोकसभा के और तीन राज्यसभा के हैं। प्राइम पाइंट फाउंडेशन ने 11 सांसदों को ‘संसद रत्न अवॉर्ड 2022’ के लिए चुना है। इनमें राकांपा सांसद सुप्रिया सुले, बीजद के अमर पटनायक शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा के तमिलनाडु से सांसद एचवी हांडे व वरिष्ठ कांगेस नेता एम. वीरप्पा मोइली को लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए चुना गया है प्राइम पाइंट फाउंडेशन ने मंगलवार को बताया कि संसद की वित्त, कृषि, शिक्षा व श्रम मंत्रालय की चार समितियों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित किए जाने वाले 11 सांसदों में से आठ लोकसभा के और तीन राज्यसभा के हैं।
संसद रत्न पुरस्कार समारोह का 12वां संस्करण 26 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। फाउंडेशन के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सांसद सुले, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के सांसद एन के प्रेमचंद्रन और शिवसेना सांसद श्रीरंग अप्पा बार्ने को उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘संसद विशिष्ट रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय (पश्चिम बंगाल), कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह), और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद विद्युत बरन महतो (झारखंड), हीना विजयकुमार गावित (महाराष्ट्र) और सुधीर गुप्ता (मध्य प्रदेश) 17वीं लोकसभा में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें संसद रत्न पुरस्कार मिलेगा। राज्यसभा में बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद अमर पटनायक (ओडिशा) और राकांपा सांसद फौजिया तहसीन अहमद खान (महाराष्ट्र) को 2021 में मौजूदा सदस्यों की श्रेणी के तहत उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद के के रागेश (केरल) को राज्यसभा में अपने पूर्ण कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘2021 में सेवानिवृत्त सदस्यों’ श्रेणी के तहत पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
प्राइम पाइंट फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष के श्रीनिवासन ने कहा कि पुरस्कार विजेताओं का चयन 17वीं लोकसभा की शुरुआत से शीतकालीन सत्र 2021 के अंत तक पीआरएस इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर उनके संचयी प्रदर्शन के आकलन से किया गया। संसद रत्न पुरस्कार समिति की अध्यक्षता संसदीय मामलों के राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की। सह-अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी एस कृष्णमूर्ति ने की। शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों को सम्मानित करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर पुरस्कारों की स्थापना की गई है।  

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