राजनीति

UP में BJP जीत तो गई लेकिन इस 1 वादे को पूरा करने में छूट जाएंगे पसीने!

बीजेपी इस समय अपनी प्रचंड जीत का जश्‍न मना रही है लेकिन दोबारा सत्‍ता मिलने के बाद उस पर कई वादों को बोझ भी आ गया है. इसमें एक सबसे बड़ा वादा तो होली पर डेढ़ करोड़ गैस सिलिंडर बांटने का ही है.

यूपी के विधानसभा चुनावों (UP Assembly Election) में बीजेपी (BJP) को प्रचंड जीत मिली है. सरकार पूर्ण बहुमत के साथ एक बार फिर वापस आई है. यूपी में एक ही पार्टी की लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का यह रिकॉर्ड मुख्‍यमंत्री योग आदित्‍यनाथ (Yogi Aditynath) के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. बीजेपी इस समय जोर-शोर से जश्‍न मना रही है, होली से पहले ही होली (Holi 2022) मना रही है लेकिन हफ्ते भर बाद आने वाला होली का त्‍योहार यूपी की राज्‍य सरकार के लिए एक बड़ी कशमकश भी लेकर आ रहा है. यह कशमकश एक चुनावी वादे को पूरी करने की है.

कैसे पूरा होगा यह वादा यूपी में जनता को लुभाने के लिए बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कुल 130 वादे किए थे. हालांकि बीजेपी ने इन्‍हें वादे की वजह संकल्‍प कहा था यानी कि इन्‍हें पूरा करने की डबल गांरटी. इसमें एक वादा उज्‍जवला योजना के लाभार्थियों को होली तक मुफ्त में गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) देने का भी था. लेकिन अब यह वादा सरकार पर भारी पड़ सकता है. दरअसल, फिलहाल घरेलू गैस सिलिंडर के दाम 937.50 रुपये हैं. इस तरह यह वादा पूरा करने के लिए सरकार को लगभग 1400 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे. बस यही बड़ी रकम इतने जल्‍दी खर्च करना योगी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है.

उज्‍जवला गैस के लाभार्थियों को सिलेंडर देने के अलावा भी राज्‍य सरकार पर कई वादों का बोझ है. बीजेपी ने अपने संकल्‍प पत्र में इनका जोर-शोर से जिक्र भी किया है.   – समृद्ध कृषि के लिए अगले 5 साल तक सभी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त में बिजली देना. यह संकल्‍प तो बीजेपी के लिए बड़े चुनावी हथियार की तरह रहा. – 60 साल से ज्‍यादा की महिलाओं को मुफ्त में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा देना.  – लोक सेवा आयोग में समेत सारी सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या को बढ़ाकर दोगुना करना. – वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाकर 1500 रुपये करना.  – विधवा और निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाकर 1500 रुपये करना. – मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय मदद को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करना. – मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना के तहत 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देना. – गन्ना किसानों को 14 दिन के अंदर गन्ने के मूल्य का भुगतान करना.

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