मोहन भागवत से सुरक्षा का खर्च वसूलने की मांग, हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका, कहा- ये कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग

2 Min Read
मोहन भागवत से सुरक्षा का खर्च वसूलने की मांग, हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका, कहा- ये कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग

मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को दी जा रही Z प्लस वीआईपी सुरक्षा कवच का खर्च सरसंचालक मोहन भागवत के जरिए वसूलने की मांग खारिज कर दी। दरअसल, याचिका मे यह मांग की गई थी कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च स्वयं सरसंघचालक से वसूला जाए, क्योंकि इसका भार सरकारी खजाने पर पड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की Z प्लस सुरक्षा का खर्च संगठन द्वारा खुद उठाने का आदेश देने का अनुरोध करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ललन किशोर सिंह की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई के बाद दोनों पक्षों की दलील के बाद जनहित याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को अधूरी जानकारी पर आधारित माना और इस मांग को नामंजूर कर दिया।

कोर्ट ने क्या कहा?

मुंबई उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस याचिका में कोई सार्वजनिक हित नहीं है, यह प्रेरित याचिका है और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इसलिए याचिका को खारिज की जाती है। याचिका में कहा गया था- “अनुसार केंद्र सरकार और संबंधित विभाग करदाताओं के पैसे से एक गैर पंजीकृत संगठन को उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में इस खर्च की भरपाई संबंधित व्यक्ति या संस्था से कराई जानी चाहिए। इसके साथ याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि करदाताओं के पैसे के दुरुपयोग को रोकते हुए वसूली गई राशि राज्य के सरकारी खजाने में जमा कराई जाए तथा इस संबंध में केंद्र और गृह मंत्रालय को त्वरित निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए।

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version