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LIC को IPO लाने के लिए मिल सकती है मिनिमम पब्लिक होल्डिंग से छूट : दीपम सचिव

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के मानदंडों के अनुसार 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मूल्यांकन वाली कंपनियों को आईपीओ में न्यूनतम 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचनी होती है। हालांकि एलआईसी को इस गाइडलाइन से छूट दी गई है।

 LIC को मिनिमम पब्लिक होल्डिंग शर्त से छूट मिल सकती है। दीपम सचिव तुहिन कांता पांडे ने शुक्रवार को कहा कि वित्त मंत्रालय LIC को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता मानदंड (minimum public holding norm) से छूट देने के लिए बाजार नियामक सेबी के साथ चर्चा करेगा। सेबी के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स के तहत एक लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन वाली लिस्टेड एंटिटीज के पास लिस्टिंग के 5 साल के अंदर कम से कम 25 पर्सेंट पब्लिक शेयरहोल्डिंग होनी चाहिए।

IPO 4 मई को खुलेगा और 9 मई को बंद होगा

सरकार ने पिछले साल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को इस नियम से छूट दी थी। सरकार LIC में 22.13 करोड़ से अधिक शेयर 902-949 रुपये के प्राइस बैंड पर बेच रही है, जो 4 मई को खुलेगा और 9 मई को बंद होगा। एलआईसी 17 मई को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्‍ट होगी। सरकार को LIC आईपीओ से लगभग 21,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है। राज्य के स्वामित्व वाली बीमा कंपनी LIC का बाजार मूल्य 6 लाख करोड़ रुपये है। मेगा एलआईसी आईपीओ से पहले पांडे ने कहा कि सरकार लिस्टिंग के एक साल के भीतर जीवन बीमा निगम में अपनी हिस्सेदारी को कम नहीं करेगी।

ज्‍यादा मार्केट कैप वाली कंपनियों को न्यूनतम 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचनी होती है

पांडे ने कहा कि एलआईसी जैसी बड़ी कंपनी के लिए रोडमैप को आगे बढ़ाते हुए हमें न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता पर सेबी और आर्थिक मामलों के विभाग के साथ चर्चा करनी होगी। हम जानते हैं कि यह आसान नहीं है। 

सेबी की विशेष व्यवस्था की जरूरत पड़ेगी

पांडे ने कहा कि हमें 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की छूट के लिए सेबी की विशेष व्यवस्था की जरूरत पड़ेगी। इसका कारण एक बहुत बड़ी कंपनी मार्केट में प्रवेश कर रही है। हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि यह सामान्य रूप से पूंजी बाजार को कैसे प्रभावित करता है।

एंकर निवेशकों ने दिखाई दिलचस्‍पी

एक अधिकारी ने शुक्रवार को यहां कहा कि LIC द्वारा प्रस्तावित पहली सार्वजनिक पेशकश में विदेशी और घरेलू दोनों तरह के 25 से अधिक एंकर निवेशकों ने रुचि दिखाई है। सरकार अगले महीने बाजार से 21,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए एलआईसी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।

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